हिमाचल पथ परिवहन निगम की सड़कों के किनारे खड़ी बसें अब दौड़ पाएंगी। 1235 नए कंडक्टर मिलने से हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा अब सेवारत कंडक्टरों को भी ओवर टाइम से राहत मिल सकेगी। वहीं, सड़कों पर खड़ी बसें दौड़ेंगी और कई महीनों से बंद पड़े रूटों पर भी परिवहन सेवाएं सुचारु हो पाएंगी।
परिवहन निगम से मिली जानकारी के मुताबिक कुल 1235 कंडक्टरों की वेरिफिकेशन 25 से 29 मई तक होनी है। शुरू के क्रम 1 से 300 तक कंडक्टरों की वेरिफिकेशन 25 मई को होगी, 301 से 600 तक की 26 मई, 601 से 900 तक की 28 मई, जबकि 901 से 1235 कंडक्टरों की वेरिफिकेशन 29 मई को होनी तय हुई है।
इन कंडक्टरों को तीन-चार दिन का प्रशिक्षण देने के बाद सीधे बसों में चढ़ा दिया जाएगा। पहले यह कंडक्टर प्रदेश में चलने वाली बसों में चढ़ेंगे। उसके बाद उन्हें बाहरी राज्यों को जाने वाली बसों में चढ़ाया जाएगा। परिवहन संयुक्त समन्वय समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर और पदाधिकारी खेमेंद्र गुप्ता ने बताया कि एचआरटीसी को कंडक्टर मिलने से राहत मिली है।
उन्होंने सरकार से लंबित वित्तीय लाभ जारी करने की मांग की है। वहीं परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रशिक्षु कंडक्टरों ने सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। अब एचआरटीसी को 1235 कंडक्टर और मिले हैं। हिमाचल में परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ होगी।