एचपीएमसी निदेशक बोले, जरूरत के हिसाब से खोलेंगे संग्रह केंद्र संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। प्रदेशभर के साथ जिला शिमला के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी सेब सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन सरकार ने अभी तक मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत सी-ग्रेड सेब की खरीद के लिए संग्रह केंद्र नहीं खोले हैं।
इससे विशेषकर शिमला और मंडी जिले के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागवानों को नुकसान की चिंता सता रही है। बागवानों के अनुसार सरकार और एचपीएमसी हर वर्ष 15 से 20 जुलाई तक संग्रह केंद्र खोलने की अधिसूचना जारी कर देते हैं और 20 जुलाई के आसपास निचले क्षेत्रों में खरीद शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार अभी तक न तो अधिसूचना जारी हुई है और न ही खरीद शुरू हो पाई है।
बागवानों का कहना है कि इस बार पहले ही फसल कम होने का अनुमान है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि के कारण बड़ी मात्रा में सेब प्रभावित हुआ है। इसके चलते कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एमआईएस के तहत सेब खरीद के लिए संग्रह केंद्र नहीं खुलने से बागवानों के सामने छोटे और ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त सेब बेचने की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में खरीद शुरू न होने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ रहा है। सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर ने कहा कि कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन शुरू हुए काफी समय हो गया है। अभी तक केंद्रों का शुरू न होना चिंताजनक है। एचपीएमसी को जल्द ही संग्रह केंद्र खोलकर खरीद शुरू करनी चाहिए, ताकि बागवानों को नुकसान न हो। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन (एचपीएमसी) के माध्यम से निर्धारित समर्थन मूल्य पर सी-ग्रेड सेब की खरीद की जाती है। एचपीएमसी के निदेशक डीसी राणा ने कहा कि जहां जरूरत होगी, वहां संग्रह केंद्र खोले जाएंगे। एक तारीख के आसपास सेब की खरीद शुरू कर दी जाएगी।