शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के बायोटेक्नोलॉजी इंक्यूबेशन सेंटर (बीआईसी-एचपीयू) में उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और इच्छुक उद्यमियों सहित 31 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों में वैधानिक, वित्तीय एवं विपणन संबंधी दक्षता को सुदृढ़ करना और उन्हें आत्मनिर्भर तथा संस्थागत रूप से मजबूत उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना था। प्रशिक्षण के पहले दिन का शुभारंभ बायोटेक्नोलॉजी विभाग के नोडल अधिकारी और नाइटकॉन टीम द्वारा किया गया। सेंटर के प्रभारी डॉ. रवि कांत ने उद्यमशील मानसिकता, बाजार की मांग, लागत गणना और वित्त के स्रोतों की जानकारी दी। एचपीएनएलयू की डॉ. ईशा शर्मा भागड़ा ने पंजीकरण, पैन-टैन-जीएसटी, आईपीआर और वैधानिक अनुपालनों के बारे में बताया। अंतिम दिन डॉ. दीपिका गौतम, गोपाल आर्य, एचपीयू के कुलपति प्रो. महावीर सिंह और सेवानिवृत्त प्रो. अरविंद कुमार भट्ट और बीआईसी-एचपीयू प्रभारी डॉ. रवि कांत भाटिया ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। संवाद