हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादक संघ ने 6 जुलाई को सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तरीय आंदोलन के आगाज का एलान कर दिया है। बुधवार को शिमला के कालीबाड़ी हाल में प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में यह फैसला लिया गया। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सोहन सिंह ठाकुर ने बताया कि मौजूदा सरकार से लगातार बागवानों की सुध लेने के लिए एपीएमसी एक्ट सहित तीन कानूनों को लागू करने की मांग की जा रही है। आढ़तियों और उद्योगपतियों के दबाव में सरकार काम कर रही है। सरकार की लापरवाही की नींद तोड़ने के लिए बागवान सड़कों पर उतरेंगे और जब तक हक नहीं मिलता लड़ाई लड़ी जाएगी। अधिवेशन की अध्यक्षता ठियोग कुमारसैन के पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने की।
यह मांगें उठाईं
तुरंत लागू हो एपीएमसी, लीगल मेट्रोलॉजी और हिमाचल प्रदेश पेसेंजर एंड गुड्स एक्ट, सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू करो, कार्टन ट्रे, मशीन और उपकरणों पर जीएसटी खत्म करो। एमआईएस में ए ग्रेड 80, बी ग्रेड 60 और सी ग्रेड के लिए 30 रुपये समर्थन मूल्य घोषित करो, एचपीएमसी और हिमफेड सेब का बकाया राशि का भुगतान करे, बैरियरों पर अवैध वसूली बंद हो, बागवानों को अनुदान पर दवाइयां उपलब्ध हों, बागवानी सहायक मशीनों पर लंबित अनुदान तुरंत जारी करें। ओलावृष्टि, वर्षा, बर्फबारी सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का मुआवजा दें, सीए स्टोर बनाने पर 90 फीसदी अनुदान दिया जाए। बागवानों के ऋण माफ किए जाएं। सेब पर आयात शुल्क सौ फीसदी किया जाए।