आगामी बरसात के मौसम के दौरान आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को शिमला में प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने इस बैठक में बांधों और जलाशयों में जल स्तर, भूकंप, बादल फटने, बिजली गिरने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की समयपरक सूचना उपलब्ध करवाने के लिए कहा।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से ‘सचेत’ ऐप विकसित किया गया है। इसमें स्थानीय स्तर पर आपदा से संबंधित सटीक सूचना नियमित अंतराल पर अपडेट की जाती हैं। इस ऐप के माध्यम से मौसम संबंधी जानकारी और चेतावनी समय पर उपलब्ध होगी और किसी स्थान विशेष में आपदा के समय क्या करें या न करें, इसके बारे में भी यह निर्देशित करता है। यह जानकारी प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को सड़कों के किनारे और अन्य नालियों को साफ रखने, खतरा संभावित क्षेत्रों में मशीनों, आधुनिक उपकरणों एवं मानव संपदा की समुचित तैनाती के भी निर्देश दिए गए हैं। आगामी बरसात के मौसम के दौरान आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को शिमला में प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई।
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प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने इस बैठक में बांधों और जलाशयों में जल स्तर, भूकंप, बादल फटने, बिजली गिरने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की समयपरक सूचना उपलब्ध करवाने के लिए कहा। शर्मा ने संबंधित विभागों, अधिकारियों को बांधों, विद्युत परियोजनाओं और नदी प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए कहा। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव, भूस्खलन और बांधों से पानी छोड़ने संबंधी सूचना के आदान-प्रदान के निर्देश भी दिए, जिससे प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए प्रतिक्रिया दलों को समय पर तैयारी कर कार्रवाई के लिए सचेत किया जा सके। अवैध खनन पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए।
15 हजार ‘आपदा मित्र’ और स्वयंसेवक तैयार किए गए
प्रधान सचिव ने निर्देश दिए कि छोटे बांधों को बांध सुरक्षा अधिनियम में लाया जाए और भविष्य में निर्मित होने वाले बांधों को भी इस अधिनियम में निर्धारित मापदंडों के अनुसार निर्मित किया जाए। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, गृह रक्षक और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के अतिरिक्त राज्य में आपदा और अन्य आपात स्थिति में राहत एवं बचाव के लिए 15 हजार ‘आपदा मित्र’ एवं राज्य स्वयंसेवक तैयार किए हैं। बरसात के मौसम के दृष्टिगत प्रदेश भर में जरूरी उपकरणों से चेतावनी दलों की समुचित तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
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प्रभावितों समय पर मदद, अनुदान और राहत निधि आवंटित करने में देरी न हो
शर्मा ने कहा कि प्रभावितों और जरूरतमंदों को समय पर मदद, अनुदान और राहत निधि आवंटित करने में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आपात स्थिति के दृष्टिगत आपदा संभावित क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों, कंबल, स्लीपिंग बैग, जल भंडारण टैंकों और फॉगिंग मशीनों का समय रहते समुचित प्रबंधन व भंडारण करने के भी निर्देश दिए। जिला उपायुक्तों को वित्तीय मामलों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली में प्रविष्टियां दर्ज करने और निरंतर डाटा अद्यतन करने के भी निर्देश दिए गए।