हिमाचल प्रदेश किसान संघर्ष समिति के सचिव संजय चौहान कहते हैं कि रोहड़ू मंडी के आढ़तियों पर सरकार और प्रशासन की कोई नकेल नहीं है। सरकार ने अगर कोई कारगर कदम नहीं उठाए तो बागवानों को फिर से आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
एपीएमसी अध्यक्ष नरेश शर्मा कहते हैं कि तौलिये या गत्ते के नीचे हाथ रखकर सेब की बोली लगाना अवैध है। पराला मंडी में एक आढ़ती को 25 हजार जुर्माना किया गया है। अगर किसी अन्य मंडी में भी गलत तरीके से सेब की बोली लगाई जा रही है तो एपीएमसी उन पर कार्रवाई करेगी।