लोकसभा चुनाव से पहले एपीएल राशनकार्ड धारकों के चावल कोटे पर कैंची चल गई है। एपीएल के कोटे से दूसरी श्रेणियों को राशन का बंटवारा किया जा रहा है। लिहाजा, एपीएल राशनकार्ड धारकों को पांच किलो चावल कोटा ही बच पा रहा है।
केंद्र से कम कोटा मिलने पर इस बार विभाग को लाखों एपीएल उपभोक्ताओं के चावल कोटे में दो किलो की भारी कटौती करनी पड़ी है। एपीएल राशनकार्ड धारकों को हर महीने चावल का सात किलो कोटा मिलता है। इस बार कम कोटा मिलने से सात किलो से घटकर पांच किलो कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि केंद्र से चावल का कम कोटा मिलने पर एपीएल राशनकार्ड पर सात किलो के कोटे में से दो किलो काटकर बीपीएल एवं अंत्योदय श्रेणियों को भी बांटा जा रहा है। इससे एपीएल कार्ड धारकों के लिए समस्या खड़ी हो गई है।
एपीएल राशनकार्ड धारकों में भी हजारों ऐसे उपभोक्ता हैं, जो सरकारी डिपुओं पर मिलने वाले सस्ते राशन पर निर्भर करते हैं। इनके लिए पांच किलो से महीने भर का गुजारा करने की मुश्किल खड़ी हो गई है।
इधर, उपभोक्ताओं रामलाल, हरदेव, रमेश कुमार और संजीव कुमार का कहना है कि पहले नौ किलो चावल मिलते थे। इसके बाद सात किलो किए। इस बार पांच किलो चावल ही मिल रहे हैं। इससे महीने भर का गुजारा मुश्किल है।