बैंक लोन की रकम अदा न करने की वजह से नीलाम हो रहे राजधानी से सटे मैहली शोघी बाईपास स्थित एपीजी शिमला विश्वविद्यालय को खरीदने के लिए उत्तर से लेकर दक्षिण भारत के कई नामी शिक्षण संस्थानों ने रुचि दिखाई है। सूत्रों के अनुसार बंगलूरू, पुणे के अलावा तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के कुछ संस्थानों की टीमों ने विश्वविद्यालय का दौरा किया है।
इनमें से कई संस्थानों ने यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर कैंपस और पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए रुचि दिखाई है। चूंकि विश्वविद्यालय के लैंड यूज को स्थापना के करीब तीस साल तक बदला नहीं जा सकता। ऐसे में इस बात की प्रबल संभावना है कि इसे शिक्षण संस्थान ही खरीदेंगे। फिलहाल 30 जुलाई तक ई नीलामी के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इसके बाद आवेदन करने वालों को ही 31 जुलाई को होने वाली ई नीलामी में भाग लेने का मौका मिलेगा। उल्लेखनीय है कि एपी गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट के दिल्ली निवासी ट्रस्टियों राजेश गोयल, गर्वित गोयल, प्रमोद कुमार गोयल, कुसुम लता गोयल, मीनू गोयल, प्रियंका गोयल और शोभिता गोयल ने विश्वविद्यालय परिसर व उसके आसपास की जमीन को गिरवी रखकर करोड़ों रुपये का लोन लिया था लेकिन उसे चुकाने में नाकाम रहे।
बैंक ने नोटिस देकर ट्रस्ट को 60 दिन के भीतर बैंक का बकाया 39,21,50,736 रुपये और उस पर लगने वाला ब्याज भरने को कहा था। ट्रस्ट इस रकम को अदा नहीं कर सका, जिसके बाद अब बैंक ने गिरवी रखी कई हेक्टेयर भूमि और संपत्तियां जब्त कर नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन संपत्तियों की नीलामी अब 31 जुलाई को होनी है।