संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर जिला मुख्यालय में प्रदेश भाजपा शहरी प्रकोष्ठ की बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि मोदी सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदेश को 1.62 लाख करोड़ रुपये दिए हैं जोकि कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों के मुकाबले कहीं अधिक है। यह पैसा महज तीन मदों के तहत जारी हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि भारी कर्ज के बावजूद विकास कार्य नजर क्यों नहीं आ रहे और सरकार से इस पर जवाब मांगा। कर्ज लेकर महज मित्रों के वेतन-भत्ते बढ़ाकर और गाड़ी-बंगले देकर मौज करवाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं और उन्हें इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। अनुराग ठाकुर ने कहा कि बैठक के अंत में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संकल्प लिया। बैठक में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
भाजपा शहरी प्रकोष्ठ के इस आयोजन में अनुराग ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया और कहा कि कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर सरकार की कथित विफलताओं को उजागर करें। बैठक में हमीरपुर सदर के विधायक आशीष शर्मा, बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, शहरी निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अजमेर ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत में अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस एआई और नई तकनीकों का विरोध कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उनका आरोप था कि कांग्रेस नहीं चाहती कि युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोजगार के अवसर मिले। उन्होंने कहा कि भाजपा तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि कांग्रेस विकास और तकनीकी प्रगति में बाधा डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार राजस्व घाटा अनुदान के मुद्दे पर जनता को भ्रमित कर रही है, जबकि केंद्र ने सांविधानिक प्रावधानों के तहत हिमाचल को समय पर सहायता दी है। कांग्रेस के कार्यकाल में राज्य पर लाखों-करोड़ों रुपये का कर्ज चढ़ गया है और महिलाओं व युवाओं को झूठे वादों से गुमराह किया गया।