मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह एक बार फिर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के निशाने पर आ गए हैं। अनुराग ने पत्र लिखकर सीएम से छह सवालों के जवाब मांगें हैं। सांसद एवं आईटी कमेटी के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कुछ दिन पूर्व ऊना में दिए गए वक्तव्य को लेकर एक पत्र लिखा है।
कहा है कि अब सारा दोष मीडिया के सिर मढ़कर मुख्यमंत्री अपने वक्तव्य को वापस ले रहे हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बारे में वे कुछ नहीं कहेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री ने छह सवालों का जवाब देने को कहा है। अनुराग ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को सारे सवालों के वास्तविक जवाब प्रदेश की जनता को देने चाहिए।
ये हैं वो छह सवाल
पहला सवालः जब मैंने सांसद के रूप में ऊना रेललाइन का विस्तार अंब तक करवाया तो उसका उद्घाटन करने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री आने वाले थे। तब केंद्रीय मंत्री रहते हुए इस उद्घाटन में किसने रोड़े अटकाए?
दूसरा सवालः बिलासपुर में स्थापित होने वाले हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना को लेकर केंद्रीय मंत्री और अब मुख्यमंत्री रहते हुए किसने भेदभाव किया। इसको लेकर क्यों विलंब हो रहा है। इसका सही कारण जनता को बताएं?
तीसरा सवालः यूपीए सरकार के समय में 20 मार्च, 2009 को स्वीकृत केंद्रीय विश्वविद्यालय की एक ईंट भी अब तक 6 साल में क्यों नहीं लग पाई, इसका जवाब प्रदेश की जनता को दें?
ये रहे बाकी सवाल
चौथा सवालः हमीरपुर और ऊना में बस अड्डों का निर्माण होना था। उस पर आज तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं हुई?
पांचवां सवालः हमीरपुर में तकनीकी विश्वविद्यालय स्थापित होना था। वो अभी तक क्यों नहीं हुआ, इसका जवाब भी दें?
छठा सवालः जहां तक इंडियन ऑयल डिपो और सीएसडी कैंटीन की बात है। प्रदेश सरकार जानबूझकर देरी कर रही है। यह डिपो अंब के भंजाल में स्थापित होना था। खाद्य एवं आपूर्ति निगम के नाम जमीन स्थानांतरित भी कर दी गई थी, लेकिन कांग्रेस के सत्ता में आते ही इसे पेखुबेला में स्थानांतरित कर दिया गया। इसी तरह सीएसडी डिपो बरनोह में बनना था, जिसके लिए जमीन रक्षा मंत्रालय के नाम कर दी गई थी उसे भी प्रदेश सरकार हरोली के बाथू में ले जाना चाह रही है। इसका जवाब भी दें?