भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को दिए गए 60 एनएच की डीपीआर में देरी पर जवाब देना चाहिए। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी बयान में कायम नहीं रहते।
पहले दिन बयान जारी किया जाता है उसके बाद वह बयान से ही मुकर जाते हैं। कुछ दिन पहले कहा गया कि डीपीआर बनने का काम अभी इसलिए शुरू नहीं हुआ चूंकि केंद्र सरकार से अभी नए एनएच की अधिसूचना नहीं मिली है, जबकि सचाई यह है कि अधिसूचना सितंबर 2016 में ही जारी हो चुकी है।
डीपीआर बनाने की लिए 229 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है। ठाकुर ने कहा कि जिस रैली में नितिन गड़करी ने यह घोषणा की थी उसमें स्वयं मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि घोषणाएं करने के बाद पीछे हटना मुख्यमंत्री की आदत बन चुकी है।
धर्मशाला को प्रदेश की दूसरी राजधानी की घोषणा की गई लेकिन कुछ ही दिन बाद कहा गया कि धर्मशाला कोई कार्यालय नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि उनके सुपुत्र उनके विधानसभा क्षेत्र से अगला चुनाव लड़ेंगे और फिर बाद में यह कह कर पलट गए कि मैंने तो मजाक किया था।
अब यही बात वह एनएच को लेकर भी कर रहे है। मुख्यमंत्री के लिए अब बेहतर यही होगा कि वे नई घोषणाएं करना बंद करे और जो घोषणाएं वे कर चुके है उन्हें पूरा करने पर अपना ध्यान लगाए।