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हिमाचल के अनुराग ने हासिल किया 11वां रैंक, आकृति शर्मा भी बनी आईपीएस

Thu, 12 May 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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अनुराग चंद्र और आकृति शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के दो युवाओं ने यूपीएससी की परीक्षा में अपना परचम लहराया है। इनमें बैजनाथ के चकोल निवासी अनुराग चंद्र शर्मा ने यूपीएससी की परीक्षा में 11वां रैंक हासिल करके प्रदेश का नाम रोशन किया है। अनुराग चंद्र ने तमिलनाडु के वेलोर तकनीकी संस्थान से इंजीनियरिंग की है।
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अनुरागचंद्र के पिता पुनील चंद्र शर्मा भारतीय नौ सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और मां कमलेश शर्मा गृहिणी हैं। अनुराग शर्मा ने पिछले वर्ष भी यह परीक्षा पास की थी और 416वां रैंक प्राप्त किया था। वर्तमान में वह कस्टम और नेवल एक्साइज में कार्यरत हैं।

अनुराग चंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष के रैंक से वह संतुष्ट नहीं थे और कड़ी मेहनत और बुजुर्गों के आशीर्वाद से इस वर्ष उन्होंने अपने रैंक में सुधार कर लिया। उनकी इस उपलब्धि पर उनके 90 वर्षीय दादा भगवान दास शर्मा, छोटे भाई अक्षय शर्मा और सुरेश शर्मा (गिजू) ने खुशी जाहिर की है।
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ऊना की आकृति बनी आईपीएस
भारतीय सिविल सर्विस की परीक्षा में 137वां रैंक प्राप्त कर ऊना की आकृति शर्मा ने प्रदेश सहित ऊना जिला का नाम रोशन किया है। आकृति सेवानिवृत्त डीआईजी आरएम शर्मा की बेटी हैं। वह गांव स्तोथर (ऊना) के रहने वाले हैं और अब झलेड़ा की हिल व्यू कॉलोनी में रह रहे हैं।

उनकी माता डॉ. मीना शर्मा हाल ही में दौलतपुर कॉलेज से सेवानिवृत्त हुई हैं। पिता आरएम शर्मा ने बताया कि आकृति शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही है। पिछले साल की परीक्षा में उसे भारतीय रेलवे सुरक्षा पुलिस में सहायक सुरक्षा आयुक्त का पद प्राप्त हुआ था। लेकिन आकृति का सपना तो आईपीएस बनने का था।

इसके लिए उसने तैयारी नहीं छोड़ी और तीसरे प्रयास में आकृति ने इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। वर्ष 2011 में आकृति ने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की और सर्जरी, मेडिसन और अन्य विषयों में गोल्ड मेडल की उपाधि पाई। उधर, आकृति ने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को लक्ष्य पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।
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