मणिपुर हमले के मास्टरमाइंड को मारने वाले को 25 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया ने ऐलान किया है कि जो भी जवान या कोई अन्य व्यक्ति मणिपुर आतंकी हमले के मास्टरमाइंड को मौत के घाट उतारेगा, उसे 25 लाख रुपये इनाम दिया जाएगा।
शिमला में यह घोषणा पत्रकार वार्ता में एंटी टेररिस्ट फ्रेंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने की। उन्होंने हिमाचल सरकार को मणिपुर हमले के सात शहीदों को 25-25 लाख रुपये देने को कहा और उन्हें केंद्र सरकार से एक-एक करोड़ रुपये देने का आग्रह किया।
'मोदी का कदम काबिलेतारीफ'
उन्होंने कहा कि हिमाचल के शहीद परिवारों को सम्मानित करने के लिए सिरमौर, मंडी और धर्मशाला में कार्यक्रम रखे जाएंगे। उन परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने मणिपुर में अपने वीर सपूतों को खोया है। वीरेश शांडिल्य ने वीरवार को शिमला में पत्रकारों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि सरकारें खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये देती है, मगर उन शहीदों के परिवारों की अनदेखी करती हैं, जिनका इस देश की रक्षा के लिए योगदान है। मोदी ने जिस तरह का फ्री हैंड आतंकवादियों को मारने के लिए सेना को दिया है, वह काबिलेतारीफ है। ऐसा ही खुला हाथ अन्य सीमाओं पर भी होना चाहिए।
एक जुलाई से कश्मीर के लिए शुरू करेंगे रथयात्रा
एक जुलाई से यह फ्रंट कश्मीर के लिए भी एक रथयात्रा शुरू करेगा। वीरेश ने दिल्ली से पाकिस्तान के लिए बस यात्रा को तुरंत बंद करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इसमें वहां से उग्रवादी आ रहे हैं। इस बंद करने पर बीस दिन में कोई विचार नहीं किया तो फ्रंट इसका विरोध करेगा। वीरेश ने कहा कि वह खुद मंगलवार को मणिपुर जा रहे हैं। वहां आतंक प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगे।
इस अवसर पर फ्रंट के पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के पदाधिकारी भी विशेष रूप से मौजूद हुए। वीरेश शांडिल्य ने पूछा कि इस देश के लिए मनींदरजीत सिंह बिट्टा का कंट्रीब्यूशन क्या है? बिट्टा ने एंटी टेररिस्ट फ्रंट के नाम पर दिल्ली में सरकारी बंगला ले रखा है और उन्हें जेड प्लस सिक्योरिटी दी गई है। बिट्टा हिमाचल आते हैं तो वह स्टेट गेस्ट बन जाते हैं। हिमाचल सरकार उन्हें क्यों प्रश्रय देती है।