हिमाचल के चार जिलों में एंटी हेल गन स्थापित होंगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए 23 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। पहली किस्त के तौर पर सरकार को 1.25 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। एंटी हेल गन शिमला, मंडी, कुल्लू, और चंबा जिलों में लगेंगी।
सेब को ओलों से बचाने के लिए पूर्व में भाजपा सरकार ने एंटी हेल गन लगाई थी। अब राज्य सरकार इस स्कीम को दोबारा शुरू करने जा रही है। इसके लिए 10 करोड़ का बजट रखा गया है। प्रति गन सरकार 60 फ ीसदी सब्सिडी देती है।
अब केंद्र से मिले 23 करोड़ रुपये इसके अतिरिक्त होंगे। बागवानी विभाग संबंधित जिलों के बागवानों की जरूरत के हिसाब से एंटी हेल गन स्थापित करने के लिए स्थान चिह्नित करेगा। बागवानी सुरक्षा योजना के तहत ही विभाग ने केंद्र सरकार को इसका प्रोजेक्ट भेजा था।
गौरतलब है कि पूर्व भाजपा सरकार में जब नरेंद्र बरागटा बागवानी मंत्री थे तो एंटी हेल गन का प्रयोग किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने इस योजना को बंद दिया और पूर्व मंत्री के खिलाफ विजिलेंस जांच भी खोल दी थी।
हालांकि कांग्रेस सरकार के दौरान ही कोटखाई के बाघी आदि में बागवानों ने अपने पैसों से एंटी हेल गन स्थापित की थीं। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र ने 23 करोड़ रुपये का एंटी हेल गन प्रोजेक्ट मंजूर किया है। यह एंटी हेल गन हिमाचल के चार जिलों में लगेंगी।