हिमकोफेड चेयरमैन कौल नेगी की नियुक्ति मामले में महर्षि वाल्मीकि सभा शिमला के अध्यक्ष नारायण सिंह भंगानिया ने राज्यपाल को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने मांग की है कि अति दलितों को भी प्रदेश में प्रतिनिधित्व दिया जाए। चार साल से राज्य में इस वर्ग की अनदेखी की जा रही है।
हिमकोफेड चेयरमैन कौल नेगी की नियुक्ति पर प्रदेश भाजपा में एक और विवाद जुड़ गया है। इस संबंध में महर्षि वाल्मीकि सभा शिमला के अध्यक्ष नारायण सिंह भंगानिया ने राज्यपाल को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने मांग की है कि अति दलितों को भी प्रदेश में प्रतिनिधित्व दिया जाए। चार साल से राज्य में इस वर्ग की अनदेखी की जा रही है। प्रदेश सरकार और संगठन की ओर से अनुसूचित जाति (एससी) के एक समुदाय विशेष को ही तरजीह दी जा रही है। नारायण सिंह भंगानिया भाजपा मंडल शिमला के महामंत्री और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा शिमला के महामंत्री भी हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा है कि हाल ही में हिमकोफे ड के चेयरमैन पद पर जिस जाति के व्यक्ति को नियुक्ति मिली है, वह उसी जाति विशेष से संबंधित है, जिसे सरकार और संगठन में लगातार तरजीह मिल रही है, जबकि प्रदेश में अधिसूचित 58 में से 56 जातियों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से इस सिलसिले में राजभवन में मिलकर उन्हें मांग पत्र सौंपेगा। इससे पहले बंगाली अनुसूचित जाति विकास मंडल के प्रदेशाध्यक्ष राजू कुंदरा भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को एक चिट्ठी लिखकर 56 जातियों की उपेक्षा करने का मामला उठा चुके हैं। वहीं, इस नियुक्ति पर अब पूर्व मंत्री सिंघी राम ने भी नो कमेंट किया है।