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Politics: चुनाव नजदीक आते ही बदले अनिल के सुर, सीएम ने भी की तारीफ, पढ़ें पूरा मामला

Mon, 11 Jul 2022 09:26 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

सीएम जयराम ने भी अनिल शर्मा को तरजीह देते हुए सियासी संतुलन साधने में कोई कसर न छोड़ी। सोमवार को सदर विस क्षेत्र में सीएम जयराम ठाकुर के दौरे पर अनिल शर्मा भी दिखे। दोनों ने एक दूसरे की तारीफ करने में कोई मौका नहीं छोड़ा।
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सीएम जयराम, विधायक अनिल शर्मा व अन्य। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हमेशा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले रखने वाले सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सुर बदलने लगे हैं। पिता पंडित सुखराम के निधन के बाद यह पहला मौका था, जब अनिल ने मुख्यमंत्री की तारीफ की। सीएम जयराम ने भी अनिल शर्मा को तरजीह देते हुए सियासी संतुलन साधने में कोई कसर न छोड़ी। सोमवार को सदर विस क्षेत्र में सीएम जयराम ठाकुर के दौरे पर अनिल शर्मा भी दिखे। दोनों ने एक दूसरे की तारीफ करने में कोई मौका नहीं छोड़ा। कांगणी सब्जी मंडी के पास तीन उद्घाटन और एक शिलान्यास किया। चारों पट्टिकाओं पर अनिल शर्मा का नाम अंकित रहा।

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समारोह के बाद जब सीएम से मीडिया कर्मियों ने पट्टिकाओं पर अनिल शर्मा के नाम को लेकर सवाल किया तो सीएम ने कहा कि अनिल शर्मा उनकी पार्टी के विधायक हैं और वे अकसर उनके कार्यक्रमों में आते रहते हैं। हालांकि, यह बात अलग है कि मीडिया का कैमरा उनकी तरफ नहीं घूमता। जब अनिल शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने फोन करके उन्हें आमंत्रित किया था, इसीलिए वह यहां आए हैं। अनिल ने कहा कि पट्टिकाओं पर नाम होने या न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्हें सदर क्षेत्र के विकास की चिंता है और वे विकास चाहे जिस भी माध्यम से हो, वह करवाने से पीछे नहीं हटते। 

अनिल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मंडी जिले से होने के कारण लोगों को बहुत उम्मीदें हैं। मंडी शहर को सीवरेज योजना और इंदिरा मार्केट उपलब्ध करवाने का श्रेय पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय पंडित सुखराम की दूरदर्शिता को जाता है। बता दें कि अनिल शर्मा पिछले चार सालों से सरकार से खफा थे। उनके बेटे आश्रय के कांग्रेस में शामिल होने और चुनाव लड़ने के चलते भाजपा से सुखराम परिवार का छत्तीस का आंकड़ा रहा। पार्टी में रहते हुए भी मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार को अनिल शर्मा चोट करते रहे। उन्हें कार्यक्रमों में न बुलाने और विधायक होने के बावजूद पट्टिकाओं में उनका नाम न होने का मामला उठाते रहे हैं, लेकिन पंडित सुखराम के निधन के बाद अनिल शर्मा के सुर अब बदले दिख रहे हैं।  

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