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अनिल शर्मा ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ खोला मोर्चा, बोले- भाजपा का बंधुआ मजदूर नहीं, जब जी चाहा जोत लिया

Sat, 03 Apr 2021 08:55 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, मंडी

सार

  • भाजपा विधायक अनिल ने सीएम जयराम और मंत्री महेंद्र पर किया पलटवार
  • विकास करवाया होता तो निगम चुनाव में गलियों में न भटकते सीएम और महेंद्र सिंह 
  •  बोले- वह न तो जयराम और न ही महेंद्र सिंह से डरते हैं
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मंडी सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगर निगम चुनाव के अंतिम दौर में मंडी सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने फिर अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को मंडी में प्रेसवार्ता कर पार्टी के निशाने पर रहे भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि वह न तो जयराम और न ही महेंद्र सिंह से डरते हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के बंधुआ मजदूर नहीं हैं कि जब जी चाहा जोता, जब जी चाहा छोड़ दिया। भाजपा से निष्कासन के लिए मुख्यमंत्री जयराम को जो फैसला लेना है, ले लें। मैं चुप रहने वालों में से नहीं हूं। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा सुखराम परिवार का हर जगह तिरस्कार कर रही है।

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परिवार को निशाना बनाया गया। पार्टी के मंच पर उन्हें बैठने के लिए जगह नहीं दी जाती है और मंडी शिवरात्रि मेले के लिए स्थानीय विधायक होने के नाते उन्हें निमंत्रण पत्र नहीं भेजा जाता है। यह मंडी की जनता सहन नहीं करेगी। पंडित सुखराम के परिवार के विजन से ही मंडी और प्रदेेश का विकास हुआ है। सीएम जयराम और महेंद्र सिंह ने अगर विकास करवाया होता तो आज नगर निगम के चुनाव में दोनों को वोट के लिए मंडी की गलियों में भटकना नहीं पड़ता। 

महेंद्र सिंह के साथ रहकर सीएम झूठ बोलना भी सीख गए
अनिल ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शालीन व्यक्ति रहे हैं, मगर महेंद्र सिंह के सानिध्य में अब वे भी झूठ बोलने लगे हैं। अब सीएम और महेंद्र का विश्वास कौन करेगा। सदर की जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है। सदर की जनता मेरा परिवार है। यहां के लोगों के हितों के लिए अब चुप नहीं रहूंगा।
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बेटे ने गलती की है तो लोगों ने दी है सजा
अनिल ने कहा कि बेटे ने गलती की है तो उसकी सजा लोगों ने उसे दे दी है। इस बारे में कई बार स्पष्टीकरण भी दिया है। जबकि, लोकसभा में बेटे की हार के लिए जनता को दोषी नहीं ठहराता। एक नौजवान की महत्वाकांक्षा थी। पिता होने के नाते मैं उसे मौका देना चाहता था। अनिल शर्मा ने कहा कि मैं रात के अंधेरे में नहीं दिन के उजाले में आकर बात कर रहा हूं। जहां तक कांग्रेस या अन्य पार्टी ज्वाइन करने की बात है, वह जनता के इच्छा पर निर्भर करेगा।

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