भाजपा की सरकार सत्ता में आई तो अनिल शर्मा को केबिनेट मंत्री भी बना दिया गया। अभी तक वह भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बने हुए हैं और दूसरी तरफ भाजपा का टिकट सांसद रामस्वरूप शर्मा को देने के बाद दादा-पोता कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। सुखराम रामस्वरूप के स्थान पर पोते आश्रय शर्मा के लिए भाजपा का टिकट मांग रहे थे।
मंडी का टिकट घोषित होगा तो ही ले पाऊंगा प्रचार करने या पद छोड़ने पर फैसला
मैं कह चुका हूं कि न तो मैं इधर प्रचार करूंगा, न ही उधर ही प्रचार कर पाऊंगा। जब मंडी का टिकट घोषित होगा, मैं उसके बाद ही कोई फैसला ले पाऊंगा। टिकट पर फैसला भाजपा हाईकमान को ही लेना है। - अनिल शर्मा, ऊर्जा मंत्री, हिमाचल सरकार
हम यह बात पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अनिल शर्मा को मौजूदा परिस्थितियां देखते हुए खुद ही निर्णय लेना चाहिए कि वह पद पर बने रहना चाहते हैं कि नहीं। - सतपाल सिंह सत्ती, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश