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Shimla News: राजधानी में फोरलेन टनल के खिलाफ कांग्रेस, भाजपा और माकपा एकजुट, खोला मोर्चा

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शहर के शांति विहार, संजौली और भट्ठाकुफर में फोरलेन टनल के दायरे में 300 से ज्यादा मकान, दस से ज्यादा में पड़ चुकी हैं दरारें
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पहली बार एक मंच पर आए तीनों दल, कहा-विकास के नाम पर घर उजड़ने नहीं देंगे, पुराने सर्वे पर फोरलेन बनाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में ढली-कैथलीघाट फोरलेन के लिए तैयार की जा रही टनल पर विवाद बढ़ गया है। पहली बार इस निर्माण के खिलाफ कांग्रेस, भाजपा और माकपा के स्थानीय नेता भी एक मंच पर आ गए हैं। सभी ने भट्ठाकुफर से चलौंठी के लिए बन रही दो समानांतर टनल का काम पूरी तरह से बंद करने की मांग कर दी है।
अभी तक स्थानीय लोग इस टनल निर्माण के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। अब तीनों दलों के नेताओं ने इस क्षेत्र में टनल निर्माण न करने और पुराने सर्वे के अनुसार ही फोरलेन निर्माण का मुद्दा उठा दिया है। मंगलवार को प्रेसवार्ता में कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर, विनीत शर्मा, माकपा नेता एवं पूर्व महापौर संजय चौहान, भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद राजेंद्र चौहान, स्थानीय निवासी गोबिंद चतरांटा ने कहा कि विकास के नाम पर घरों को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। कहा कि फोरलेन से शोघी, लिंडीधार, भट्ठाकुफर और चलौंठी में भारी नुकसान हो चुका है। जिनके घर गिरे हैं, उन्हें मुआवजा तक नहीं मिला है। कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर, विनीत शर्मा ने कहा कि ढली में जब स्मार्ट सिटी मिशन से नई टनल बनी थी तो उस समय स्थानीय लोगों से इस पर बात की गई थी। अब एनएचएआई ने जब फोरलेन टनल का काम शुरू किया तो स्थानीय लोगों को सूचना तक नहीं दी।
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भट्ठाकुफर से चलौंठी तक दो समानांतर टनल बन रही हैं। इनके ऊपर के करीब तीन सौ से ज्यादा मकान बने हैं। शुरुआती निर्माण में ही दस से ज्यादा मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं। इनमें भाजपा विधायक बलवीर वर्मा समेत कई मकान शामिल हैं। अभी फिलहाल टनल का काम बंद है लेकिन इसे हमेशा के लिए बंद करना होगा। कहा कि केंद्र से आई टीम को भी भवनों में पड़ी दरारें दिखाई हैं।
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पुराने सर्वे के अनुसार हो फोरलेन का काम
पूर्व मेयर संजय चौहान, राजेंद्र चौहान और नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि ढली-कैथलीघाट फोरलेन के लिए पहले इस क्षेत्र की बजाय ढली से सर्वे किया गया था। इसके लिए अरबों रुपये खर्च कर ढली में जमीन का भी अधिग्रहण किया गया लेकिन बाद में इस सर्वे को बदल दिया गया। कहा कि अब शांति विहार के नीचे टनल का निर्माण हो रहा है। इन्हीं टनलों से दस हजार की आबादी वाला शांति विहार, समिट्री और संजौली का बड़ा इलाका खतरे की जद में है। कहा कि एनएनएआई टनल का काम बंद करे और पुराने सर्वे के अनुसार फोरलेन बनाए। इससे नुकसान कम होगा। सरकार से मांग की कि एनएचएआई और निर्माण करने वाली कंपनी पर केस दर्ज करे। कहा कि शिमला को बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। लोग इस क्षेत्र में टनल का निर्माण नहीं होने देंगे।
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