फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिप्टी कंट्रोलर की तैनाती पर फूटा संयुक्त कर्मचारी संघर्ष मंच का गुस्सा

Fri, 22 Nov 2019 12:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

प्रदेश विश्वविद्यालय में उप नियंत्रक वित्त एवं लेखा की नियुक्ति और उसे वित्तीय मामलों की शक्तियां देने पर कर्मचारियों का गुस्सा फूटना शुरू हो गया है। संयुक्त कर्मचारी संघर्ष मंच ने इसे विवि की वित्तीय स्वायतता समाप्त करने की साजिश करार दिया है। कर्मचारी और शिक्षक संघ पदाधिकारियों ने मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

विज्ञापन


मंच के पदाधिकारी और पूर्व ईसी सदस्य राजकुमारी, पूर्व कोर्ट सदस्य और अधिकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष तेजराम शर्मा, पूर्व कोर्ट सदस्य व गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के पूर्व में महासचिव रहे नरेश शर्मा ने जारी ब्यान में कहा कि विवि प्रशासन इस फैसले को तुरंत वापस ले। यदि ऐसा न किया गया तो मंच के बैनर तले सभी कर्मचारियों को लामबंद कर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन खड़ा किया जाएगा। 

मंच की वीरवार को हुई आपात बैठक में इन पदाधिकारियों ने कहा कि उप नियंत्रक के अधीन विवि की वित्त शाखा सहित अन्य महत्वपूर्ण शाखाओं को लाया गया है। डिप्टी कंट्रोलर एक सहायक कुलसचिव के समकक्ष पद है। इन शाखाओं में उप कुलसचिव स्तर के अधिकारी मुखिया हैं। ये बखूबी अपना कार्य पूरी दक्षता से कर रहे हैं।
विज्ञापन


विवि जैसे स्वायत्त संस्थान में प्रदेश सरकार की ओर से भेजे गए छोटे पद के अधिकारी की नियुक्ति और उनके अधीन बड़े अधिकारियों को लाया जाना अधिकारियों का अपमान है। विवि में पहले से वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, कुलसचिव जैसे ऊंचे पद के सक्षम अधिकारी हैं तो डिप्टी कंट्रोलर को नियुक्त कर इन अधिकारियों के अधीन आने वाली शाखाओं की जवाबदेही उसे करने से आम कर्मचारियों व अधिकारियों के आत्मसम्मान और कर्तव्यनिष्ठा से किए कार्य का अपमान है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें