अटल मेडिकल और अनुसंधान विवि नेरचौक
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अटल मेडिकल एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (एएमआरयू) ने आयुष, नर्सिंग, फार्मेसी और डेंटल साइंसेज में पीएचडी करवाने का निर्णय लिया है। ये डिग्रियां करवाने के लिए एएमआरयू कई तरह के प्रावधान करने की तैयारी में है, ताकि युवाओं को पीएचडी की पढ़ाई में आसानी हो। पीएचडी करवाने के लिए जिन कॉलेजों में किसी चीज की सुविधा नहीं है तो उसके लिए उस कॉलेज को आसपास के बड़े संस्थानों के साथ एमओयू कर जोड़ा जाएगा। इससे पीएचडी कोर्स संबंधी औपचारिकताएं पूरी हो सकेंगी।
एएमआरयू की ओर से विभिन्न संबद्ध संस्थानों के माध्यम से आयुष, नर्सिंग, फार्मेसी और डेंटल साइंसेज में मास्टर कोर्स करवाए जा रहे हैं लेकिन इन्हें पीएचडी कोर्स की सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं थी। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य रिसर्च पर अधिक ध्यान देना है और इसके लिए इन क्षेत्रों में पीएचडी कोर्स का शुरू होना जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब इनमें पीएचडी कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। यूनिवर्सिटी ने इसी वर्ष पीएचडी में दाखिले की प्रक्रिया को हर हाल में शुरू करना है। अटल मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी से संबद्ध संस्थान पीएचडी कोर्स करवा सकेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद यूनिवर्सिटी की टीम उस संस्थान का विस्तृत दौरा करके वहां पीएचडी करवाने से संबंधित सुविधाओं का जायजा लेगी।
उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने पर जोर
विश्वविद्यालय का उद्देश्य आयुष, नर्सिंग और डेंटल साइंसेज में शोध के स्तर को उन्नत करना और छात्रों को आधुनिक संसाधनों के साथ उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देना है। इसके लिए कई रह के प्रावधान किए जा रहे हैं। इन पर बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की तरफ से आखिरी मुहर लगेगी।
-प्रो. डॉ. सुरेंद्र कश्यप, कुलपति, एएमआरयू
सभी सुविधाएं देने वाले ही करवा पाएंगे डिग्री
यूनिवर्सिटी की तरफ से यह भी व्यवस्था की है कि यदि यहां किसी संस्थान के पास इस प्रकार की उच्च स्तरीय सुविधाएं नहीं हैं तो वे प्रदेश के या प्रदेश प्रदेश के बाहर के दूसरे बड़े संस्थानों के साथ एमओयू साइन करके भी इन कोर्स के लिए आवेदन कर सकेंगे। सुविधाओं पर खरा उतरने वाले सस्थान संस्थान को ही पीएचडी कोर्स की अनुमति दी जाएगी।