सरकार से खरीदी गई जमीन, फ्लैट मालिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन लोगों ने भले ही प्लॉट पर आशियाना बनाने के दौरान डेविएशन की हो लेकिन यह मान्य नहीं होगी। टीसीपी संशोधित विधेयक में सरकारी प्लॉट, फ्लैट पर किए गए अतिक्रमण को नियमित न किए जाने का प्रावधान किया गया है।
शिमला के न्यू शिमला, विकासनगर, धर्मशाला, पालमपुर, मंडी, सोलन धर्मपुर आदि में ऐसी कालोनियां और प्लॉट हैं जो हिमुडा ने बनाकर लोगों को बेचे हैं। लोगों ने फ्लैटों में तोड़फोड़ कर नए सिरे से कंस्ट्रक्शन की है, जिस दौरान फ्लैटों में डेविएशन हुई है।
राज्य मार्ग के साथ भवन और प्लॉट मालिकों को भी राहत नहीं दी गई है। ये लोग राज्य मार्ग के बराबर या फिर इससे डेढ़ मीटर ऊपर तक कंस्ट्रक्शन कर सकते हैं, इससे ज्यादा कंस्ट्रक्शन मान्य नहीं होगी। प्रदेश में ऐसे हजारों भवन हैं, जिन्होंने सड़क के साथ जमीन खरीदी है।
सरकार का मानना है कि प्रदेश में वैली व्यू को बचाने के लिए ये फैसला लिया गया है। टीसीपी संशोधित विधेयक के मुताबिक ये नियम सिर्फ उन लोगों पर लागू होंगे जिनकी जमीन वैली के साथ लगती हो और जमीन के साथ राज्य मार्ग जा रहा हो। जहां पर घाटी नहीं होगी, उन लोगों पर ये नियम लागू नहीं होगा।
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि सरकारी कालोनियों और अन्य इससे संबंधित अतिक्रमण को नियमित करने का प्रावधान नहीं किया गया है। वहीं वैली व्यू को बचाने के लिए भी राज्य मार्ग से डेढ़ मीटर से ज्यादा कंस्ट्रक्शन मान्य नहीं होगी। अभी टीसीपी संशोधित विधेयक को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिली है। अब इसे विधानसभा में रखा जाएगा।