गुजरात के त्रिदेव पैटर्न पर भाजपा हिमाचल में विधानसभा चुनावों का सूत्रपात करेगी। शिमला संसदीय क्षेत्र में विस चुनावों का शंखनाद करने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रविवार को सोलन के ठोडो ग्राउंड में आएंगे। त्रिदेव सम्मेलन का मंच बूथ स्तर के तीनों प्रतिनिधियों के साथ होगा।
बूथ अध्यक्ष, बूथ पालक और बूथ लेवल एजेंट के अलावा कोर ग्रुप और प्रदेश भाजपा के दिग्गजों से इनपुट और फीडबैक लिया जाएगा। इस आधार पर विस चुनाव की रणनीति का अंतिम खाक बनेगा। वोटर लिस्ट के हर पन्ने के कार्यकर्ताओं की तैनाती भी बैठक का हिस्सा होगी। अटकलेें यह भी हैं कि बैठक में टिकट के दावेदारों और प्रदेश भाजपा में नए चेहरे पर भी चर्चा हो सकती है।
बैठक के दौरान विधानसभा चुनावों में सुनियोजित ढंग से 50 से अधिक सीटें लेकर जीतने की रणनीति बनाई जाएगी। ठोडो मैदान में त्रिदेव सम्मेलन के लिए शिमला संसदीय क्षेत्र में आने वाले 18 विस क्षेत्रों के करीब 6000 कार्यकर्ता जुटेंगे। गुजरात और एमपी में भाजपा के त्रिदेव फंडे को सफलता की चाबी माना गया
ये हैं त्रिदेव
त्रिदेव बूथ अध्यक्ष, बूथ पालक और बूथ लेवल एजेंट हैं। बूूथ अध्यक्ष को अपने बूथ में डोर टू डोर संपर्क करने का जिम्मा है। जातीय आंकड़े तैयार करना इसी की जिम्मेवारी है। बूथ पालक कमजोर कड़ी को चिह्नित कर उसे मजबूत करने की नीति बनाते हैं। इसमें शीर्ष नेता शामिल है। बूथ लेवल एजेंट का काम सरकारी स्तर पर समन्वय रखना है। जैसे वोटर लिस्ट में किस वोटर का नाम कटना है। किसका जुड़ना है। बूथ लेवल अफसर के साथ समन्वय रखकर क्षेत्र में वोटर लिस्ट का विस्तृत खाका तैयार करना है।
850 बूथों के प्रतिनिधि पहुंचेंगे
850 बूथों से बूथ अध्यक्ष, बूथ पालक और बूथ लेवल एजेंट जमीनी स्तर पर चुनावों की तैयारियों जायजा लेंगे। भाजपा मुख्य प्रवक्ता डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि त्रिदेव सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 6000 कार्यकर्ताओं के पहुंचने की उम्मीद है।
बिना शांता के सजेगी कोर ग्रुप की बैठक
सम्मेलन के बाद कोरग्रुप की बैठक होगी। कोर ग्रुप के नौ सदस्यों में आठ का नाम फाइनल हो चुका है। शांता कुमार बैठक में नहीं आएंगे। बताया जा रहा है कि उनकी आंख का ऑपरेशन हुआ है। अन्य सदस्यों में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, सांसद अनुराग ठाकुर, प्रदेश प्रभारी श्रीकांत, डॉ. राजीव बिंदल, प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा, प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती और सांसद वीरेंद्र कश्यप शामिल हैं।
शिमला संसदीय सीट में कांग्रेस का दबदबा
शिमला संसदीय सीट में कांग्रेस का दबदबा है। 18 विधानसभा सीटों में 7 पर भाजपा काबिज है, जबकि 2 पर निर्दलीय और 9 पर कांग्रेस का कब्जा है। ऐसे में चुनावों से पहले ग्राउंड स्तर के जुड़े कार्यकर्ताओं से लेकर आलाकमान तक में समन्वय बैठाने का यह सम्मेलन अहम साबित हो सकता है।