आभार रैली के बहाने ट्रांसगिरि इलाके में पहली बार पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाटियों के दिलों को छूकर खूब रिझाने का प्रयास किया। हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने के बाद इस बड़ी उपलब्धि को कैश करने और भावनात्मक कार्ड खेलने की कोशिश की गई। अमित शाह ही नहीं मंच पर विराजमान मुख्यमंत्री से लेकर हर मंत्री व नेता ने भी हाटी समुदाय को लुभाने के प्रयास किए। केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन में जिला सिरमौर के आस्था के केंद्र शिरगुल देवता, मां भंगायनी, रेणुकाजी व पांवटा साहिब गुरुद्वारा का भी जिक्र किया। उन्होंने नाहन नगर परिषद का जिक्र करते हुए कहा कि यह नगर परिषद कोलकाता के बाद बनी देश की दूसरी नगर परिषद है। हर तरह से उन्होंने सभी देवी-देवताओं के नाम पर हर विधानसभा क्षेत्र को अपने संबोधन में जोड़ा।
इसके साथ-साथ अमित शाह ने केंद्र व प्रदेश के विकास को भी लोगों के बीच जमकर भुनाया। उधर, हाटियों का मामा कैसा हो जयराम ठाकुर जैसा हो, नारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आभार रैली में भी चर्चा में आया। हालांकि, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहले भी कह चुके हैं कि वह सिरमौर वालों के मामा हैं लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष भी यह नारा सतौन की रैली के पंडाल में खूब गूंजा। मुख्यमंत्री ने भी व्यंग्यात्मक तरीके से अपने भांजे-भांजियों को नमन किया। कहा कि मामा होने के नाते मेरा फर्ज बनता था कि मैं भांजों की बात को मानूं। कुल मिलाकर भाजपा ने हाटी के स्टेट्स पर तो सियासी फायदे का कार्ड तो खेला ही। मामा-भांजा का भावनात्मक कार्ड भी खेला।