डेयरी फार्म में मशीन के माध्यम से गाय का दूध निकालते हुए अमित।
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सरकारी क्षेत्र में रोजगार नहीं मिला तो जोगिंद्रनगर के अमित ने अपने बलबूते पर डेयरी फार्म खोल दिया। अब दूध बेचकर अमित हर महीने ढाई लाख रुपये कमा रहे हैं। उन्होंने अच्छी नस्ल की 11 गायों के साथ डेयरी फार्म की शुरुआत की और रोज करीब डेढ़ क्विंटल से अधिक दूध बेचते हैं। अमित ने एचएम की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रदेश के बाहर निजी क्षेत्र में कुछ समय के लिए नौकरी भी की, लेकिन प्रतिभा के अनुसार आय प्राप्त नहीं हुई तो वापस पैतृक गांव ढेलू लौट आए।
यहां पर जरसी और साहीवाल नस्ल की गायों व शैड के निर्माण के लिए अनुमानित 10 से 12 लाख रुपए खर्च किए। अमित कुमार ने बताया कि आत्मनिर्भर बनने के लिए सत्तासीन सरकारों की उदासीनता को दरकिनार कर उन्होंने अपने बलबूते पर डेयरी फार्म पांच साल पहले शुरू किया था और अब सुबह और शाम मेहनत कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। अमित रोज दूध एकत्रित कर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति करते हैं। करीब सौ से अधिक उपभोक्ता उनसे 45 रुपए प्रति किलो दूध खरीदते हैं।
गांवों से शहर तक दूध पहुंचाने के लिए उन्होंने दो पहिया वाहन भी रखा है। अमित ने बताया कि जल्द ही डेयरी फार्म में अच्छी नस्ल की गायों की संख्या बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाएंगे। ढेलू में डेयरी फार्म खोलकर हर माह लाखों की आमदनी जुटा रहे युवा अमित के प्रयास को एसडीएम ने भी सराहा है। उन्होंने युवाओं को नशे की बुरी आदतों से बचकर घरेलू उद्योगों में अपना ध्यान अधिक केंद्रित करने की अपील की है।