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Himachal News: निर्धारित सुरक्षा मानक पूरा करने के बाद ही पास होंगे एंबुलेंस रोड, नए दिशा-निर्देश अधिसूचित

Tue, 04 Aug 2026 08:30 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रदेश सरकार ने जीप योग्य और एबुलेंस संपर्क सड़कों के डिजाइन, निर्माण, प्रमाणन और रख-रखाव के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।  इसका उद्देश्य प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम गांवों तक सुरक्षित सड़क संपर्क सुनिश्चित करना है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने जीप योग्य और एबुलेंस संपर्क सड़कों के डिजाइन, निर्माण, प्रमाणन और रख-रखाव के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह देश में अपनी तरह की पहली व्यवस्था है। इसका उद्देश्य प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम गांवों तक सुरक्षित सड़क संपर्क सुनिश्चित करना है। इन मार्गों का उपयोग जीप, एंबुलेंस और अन्य हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी। नई व्यवस्था में सड़क की चौड़ाई, सड़क की सतह, जल निकासी व्यवस्था, रिटेनिंग एवं ब्रेस्ट वॉल, ढलानों की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा उपायों से संबंधित स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। ये प्रावधान सड़कों को सुरक्षित, टिकाऊ और लंबे समय तक उपयोग योग्य बनाए रखेंगे।

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सीएम सुक्खू ने ये कहा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक, विशेषकर दूर-दराज और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सड़क यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। पिछले वर्षों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक जीप योग्य सड़कें बिना एक समान इंजीनियरिंग मानकों के निर्मित की गई थीं। इसके परिणामस्वरूप कई मार्गों में आवश्यक सुरक्षा सुविधाओं का अभाव रहा। उन्हें प्रमाणन एवं नियमित रख-रखाव की व्यवस्थित प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जा सका था। नई अधिसूचित नीति के तहत ऐसी सभी मौजूदा सड़कों का निरीक्षण किया जाएगा। आवश्यकतानुसार उनका उन्नयन किया जाएगा। 
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निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद उन्हें प्रमाणित किया जाएगा। प्रमाणन के उपरांत इन सड़कों को राज्य की नियमित रख-रखाव व्यवस्था में भी शामिल किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के संतुलित एवं समावेशी विकास के लिए सड़क संपर्क को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है। बेहतर सड़कों से स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाजारों और आपातकालीन सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनती है। पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
 
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