शिमला। जिले के कुछ इलाकों में जहां आपात स्थिति में लोगों को एंबुलेंस तक नहीं मिल रही है, वहीं शिमला शहर में कुछ एंबुलेंस चालक मरीज नहीं, सवारियां ढो रहे हैं। शनिवार को पुलिस ने कोर माल रोड पर एक एंबुलेंस को पकड़ा। एंबुलेंस चालक ठाठ से पुलिस कंट्रोल रूम माल रोड के सामने सवारियां उतार रहा था।
कंट्रोल रूम में मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने उसकी गतिविधियों को देखा तो उन्हें कुछ शक हुआ। पुलिस ने जब एंबुलेंस चालक से पूछा कि वह यहां किस मरीज को उतार रहा है तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। क्योंकि एंबुलेंस में कोई मरीज नहीं था। वह सवारियां लेकर आराम से चल रहा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस का चालान किया। माल रोड पर जिस जगह एंबुलेंस सवारियों को उतार रही थी, यह क्षेत्र कोर माल रोड में आता है। माल रोड से मुख्यमंत्री का काफिला भी नहीं गुजर सकता और यहां इस तरह की एंबुलेंस बेरोक-टोक आ जा रही है।
यह कोई पहला मामला नहीं है, जिसमें एंबुलेंस चालक मरीजों की आड़ में निजी इस्तेमाल कर रहे हैं। जन सेवा के नाम पर कई एंबुलेंस संचालक इसका दुरुपयोग करने से भी नहीं चूकते। एंबुलेंस को बंधित और प्रतिबंधित सड़कों पर जाने के लिए छूट है, लेकिन यह छूट सिर्फ मरीजों को ले जाने के लिए है। लेकिन अमूमन देखने को मिलता है कि कई एंबुलेंस बिना मरीज के ही इन सड़कों पर दौड़ रही होती हैं। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं। इसी आड़ में अब ये मरीजों को छोड़कर सवारियां को ढोने में लग गई हैं। क्योंकि माल रोड पर जाने के लिए बंधित और प्रतिबंधित सड़कों से होकर गुजरना होता है और इसके लिए रोड परमिट चाहिए होता है जो आसानी से नहीं मिलता। लिहाजा इसका तोड़ अब कुछ एंबुलेंस चालकों ने निकाल लिया है, वह मनमाफिक पैसा लेकर एंबुलेंस में माल रोड और रिज पर सवारियों को पहुंचा रहे हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन का दावा है कि अब ऐसी एंबुलेंस को ही इन रोड से जाने दिया जाएगा, जिसमें मरीज होंगे। एंबुलेंस ड्राइवर को यह तथ्य के साथ बताना होगा कि मरीज को लाने या छोड़ने जा रहा है। मरीजों के अलावा एंबुलेंस में कोई और पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी।
कोट्स
माल रोड पर एक एंबुलेंस को पकड़ा गया। उसमें मरीज नहीं, बल्कि सवारियां थीं। चालक पुलिस रिपोर्टिंग रूम के सामने सवारियां उतार रहा था। इस पर उसका मौके पर चालान किया गया।
-दिनेश शर्मा, डीएसपी सिटी