घुमारवीं अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट।
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बिलासपुर। कोरोना काल में घुमारवीं अस्पताल को दो ऑक्सीजन प्लांट मिले हैं। अब मरीजों को ऑक्सीजन की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा। कोरोना की पहली लहर में ऑक्सीन प्लांट की सुविधा नहीं थी। इसके चलते कोरोना संक्रमित मरीजों को सांस की दिक्कत होने पर शिमला या फिर नेरचौक रेफर किया जा रहा था। दूसरी लहर के अंत में सरकार ने यहां ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को मंजूरी प्रदान की।
विभाग ने रिकॉर्ड तोड़ समय में अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए। यह दोनों प्लांट 340 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन सप्लाई की क्षमता रखते हैं। ऐसे में अब ऑक्सीजन की कमी की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। इस प्लांट से अस्पताल के 35 बिस्तरों को ऑक्सीजन सुविधा से जोड़ा गया है। कोरोना काल की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों को आपातकाल स्थिति में नेरचौक या शिमला रेफर किया जाता रहा, लेकिन इस समस्या को देखते हुए घुमारवीं के हजारों लोगों को सुविधा देने के लिए प्लांट स्थापित किए गए। अस्पताल में आईपीडी का भी निर्माण कार्य जोरों पर है। वहीं डॉक्टरों की भी कोई कमी नहीं रही है। कोरोना की अगर चौथी लहर आती भी है, तो इसके लिए घुमारवीं अस्पताल पूरी तरह से तैयार है।
अस्पताल में 35 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा : डॉ. अभिनीत वर्मा
बीएमओ डॉक्टर अभिनीत वर्मा ने बताया कि घुमारवीं अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। इसमें एक प्लांट 200 और दूसरे प्लांट की 140 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन सप्लाई की क्षमता है। वहीं अस्पताल में 35 बिस्तरों को ऑक्सीजन सुविधा से जोड़ा गया है। इसके कारण अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी।