श्राद्ध खत्म होते ही त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है। अगला महीना कारोबारियों के लिए सबसे अहम रहने वाला है। शिमला के कारोबारियों ने भी इसके लिए पूरी तैयारियां कर रही हैं। सभी को उम्मीद है कि दिवाली के बोनस से न सिर्फ कर्मचारी खरीदारी करने पहुंचेंगे बल्कि सेब सीजन का पैसा भी बाजार में आएगा। इससे दिवाली तक मंदी जैसी निराशा बाजार में देखने को नहीं मिलेगी और बाजार गुलजार हो जाएगा।
दिवाली के बाद शादियों का सीजन शुरू होना है। ऐसे में कारोबार चढ़ता ही जाएगा। सोमवार को शिमला में अमर उजाला के समृद्धि संवाद कार्यक्रम में पहुंचे शहर के कारोबारियों ने अपनी राय रखी। कारोबारियों ने माना कि आनलाइन शॉपिंग को लेकर कई शॉपिंग साइटों ने लुभावने ऑफर्स भी निकाल दिए हैं, लेकिन कारोबारी यह भी जानते हैं कि ग्राहकों का भरोसा अब भी बाजार पर है। राजधानी में एक बड़ा तबका नौकरीपेशा लोगों का है। दिवाली पर इन्हें बोनस मिलना है। सेब का पैसा भी बागवान के पास पहुंचना शुरू हो गया है।
कारोबारी बोले कि मंदी के बारे में सोचने के बजाय कारोबारियों को यह प्लानिंग करनी है कि इन लोगों को बाजार तक कैसे लाना है। संवाद के दौरान कारोबारियों ने जीएसटी, पार्किंग जैसे मुद्दों को भी उठाया। इस दौरान लीलाधर इंटरप्राइजिस के गौरव लीलाधर, अनाज मंडी के कारोबारी सुभाष चंद, अतुल कुठियाला, विद्यापीठ के भारत भूषण ने सुझाव दिए।
बोनस और सेब सीजन से चमकेगा बाजार
श्राद्ध के बाद त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है। शिमला में ज्यादातर कर्मचारी हैं या फिर बागवान। कर्मचारियों को बोनस मिलेगा तो बागवानों को सेब का पैसा। इससे बाजार में रौनक लौटना तय है। सरकार बस पार्किंग की व्यवस्था करवा दे। ऑनलाइन शॉपिंग पर भी नियंत्रण होना चाहिए। - सलिल लाल, लाल एंड सन्स, मालरोड, शिमला
जीएसटी का मैनुअल फॉर्मेट भी हो
ऑनलाइन जीएसटी भरने के अलावा इसका मैनुअल फॉर्मेट भी होना चाहिए। ज्यादातर कारोबारी कंप्यूटर नहीं चलाते। सभी सीए पर निर्भर हो गए हैं। दूसरा जीएसटी में लगातार हो रहे संशोधनों ने उलझा रखा है। यदि पहले किसी ने गलत एंट्री भर दी है तो उसे ठीक करने की सुविधा मिले। - नितिन सूद, रिटेल कारोबारी, न्यू शिमला
नए तरीके अपनाने से दूर रहेगी बाजार की मंदी
हर सीजन ग्राहकों को लुभाने के लिए व्यापारियों को नए तरीके अपनाने होंगे। हमने प्रदर्शनी, सीजनल ऑफर्स और विज्ञापन से ग्राहकों को आकर्षित किया है। आने वाले त्योहारी सीजन में भी ऐसे ही तरीकों से कारोबार चमक सकता है। कारोबारी छोटे कदम उठाएं तो ग्राहकों की कमी नहीं रहेगी। - अतुल टांगरी, टांगरी ज्वैलर्स, मालरोड
त्योहार पर मिले छूट, संडे मार्केट भी खुले
सरकार-निगम त्योहारी सीजन में कारोबारियों को राहत दे। संडे मार्केट खुले ताकि वीकेंड पर जनता और सैलानियों को भी फायदा हो। दुकानें सजाने की छूट हो और पार्किंग भी मिले। बाजार में ग्राहक तब आएगा जब पार्किंग मिलेगी। कारोबारियों को भी हर महीने पार्किंग के पांच से छह हजार देने पड़ रहे हैं। - इंद्रजीत सिंह, अध्यक्ष, शिमला व्यापार मंडल
त्योहारी सीजन में कारोबार चमकेगा
गाड़ी न आने से गंज का कारोबारी खुद गंज बाजार से आटा नहीं खरीद सकता। लेबर की भी कमी है। सरकार और निगम को चाहिए कि पार्किंग बनाए। छोटी स्टील स्ट्रक्चर पार्किंग जल्द बन सकती है। सब्जी मंडी मैदान भी अच्छा विकल्प है। त्योहारी सीजन में खरीदारी बढ़ना तय है। - दीपक श्रीधर, कारोबारी अनाज मंडी
दिवाली पर चढ़ेगा बाजार, सबको उम्मीदें
आने वाले त्योहारी सीजन को लेकर सबने प्लानिंग कर रखी है। पहली अक्तूबर से कारोबार चढ़ना शुरू हो जाएगा। दिवाली तक बाजार में रौनक रहेगी। मंदी खत्म करने के लिए नीति बनाना हमारे हाथ में नहीं, लेकिन हम अपने स्तर पर ग्राहक को लुभाने के लिए कुछ नए प्रयोग कर सकते हैं। - विप्लव महाशय, महाशय ज्वैलर्स