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समृद्धि संवाद: कारोबारी बोले- सेब का बंपर कारोबार, त्योहारी सीजन में बरसेगा पैसा

Tue, 24 Sep 2019 01:44 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
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- फोटो : अमर उजाला
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बाजार में छाई सुस्ती और मंदी की आहट के बीच अमर उजाला ने सोमवार को मंडी जिला के कारोबारियों-उद्यमियों के लिए सकारात्मक पहल करते हुए अमर उजाला समृद्धि संवाद का आयोजन किया। युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट मनु द्विवेदी ने अमर उजाला के इस कार्यक्रम आर्थिक मंदी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। हिमाचल और मंडी जिला के परिपेक्ष्य में उन्होंने कारोबारियों की शंकाओं का निदान किया और आर्थिक मंदी के डर को दूर भगाकर फेस्टिवल सीजन में सकारात्मक उर्जा के साथ डटने का आह्वान किया। 

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 काराबोरियों की शंकाओं का निदान करते हुए सीए मनु द्विवेदी ने कहा कि आर्थिक मंदी से घबराने कि जरूरत नहीं है। हिमाचल खासकर जिला मंडी की व्यापारिक अर्थव्यवस्था कृषि, बागवानी के अलावा और सरकारी या निजी नौकरियों पर आधारित है। किसान, बागवान और नौकरीपेशा लोग ज्यादा संख्या में खरीदार हैं। इस बार मानसून अच्छा गया है। सेब की बंपर पैदावार हुई है। आने वाले समय में भी अन्य कृषि-बागवानी उत्पादों की अच्छी पैदावार की उम्मीद है।

वहीं सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरियों के द्वार भी काफी अधिक खुले हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं का खर्च में गिरावट कम होने के संकेत हैं। हर तरह की रिटेल से लेकर प्रोडक्शन यूनिट या ऑटोमोबाइल सेक्टर त्योहारी सीजन में बेहतर कारोबार की उम्मीद के साथ आगे बढ़ सकते हैं।  वहीं, उपभोक्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार कर प्रणाली में भी काफी हद तक सरल कर रही है। जिसकी वजह से वजह से पैसा फिर से बाजार में आएगा। इसका असर देखने को भी मिला है। बाजार में उछाल दर्ज किया जा रहा है।
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निवेश से संकोच ना करें
अधिकतर निवेशक आर्थिक मंदी के दौर में निवेश करने से संकोच करते हैं। सीए ने कहा कि उनकी निजी राय में यही समय निवेश करने के लिए बेहतर रहता है। क्योंकि इस वक्त लेबर और कच्चे या अन्य माल की कीमतें कम होती हैं। और सरकार की और से मिलने वाली रियायतों जैसे कि टैक्स, सब्सिडी का भरपूर फायदा उठाया जा सकता है। व्यापारियों को चाहिए कि सकारात्मक सोच रखते हुए अपने व्यापार, ग्राहक और मांग को समझें और मंदी से न डरें। मंदी एक अर्थव्यवस्था चक्र का हिस्सा होता है, इससे घबराने की जरूरत नहीं।

अफवाहों पर ध्यान न दें, बनाए रखें धैर्य
 मंदी गहराने के साथ-साथ अफवाहें भी फैलती हैं। लिहाजा समय बड़े धैर्य से चीजों को समझने का होता है। निवेशकों को तो खासतौर से इन हालात में सब्र का परिचय देना चाहिए। समझने की जरूरत है कि मंदी जैसी स्थिति हमेशा के लिए है। चाहे अमेरिका हो या यूरोप, सभी देश आर्थिक मंदी के दौरे से गुजरे और ऊपर उठे हैं। धैर्य खोएंगे तो गलत फैसले ही लेंगे। बुरे समय में ही धैर्य की परीक्षा होती है। 

गैर जरूरी खर्च बंद करें
मंदी में गैर-जरूरी खर्च को बिल्कुल न कह दें। आए दिन मौज-मस्ती पर बिना सोचे-समझे खर्च करना आपकी आर्थिक सेहत को बिगाड़ सकता है। सुरक्षित विकल्पों से पैसा नहीं निकाले। मंदी में पीपीएफ और सावधि जमा जैसे सुरक्षित विकल्पों में पैसा निकालना सही नहीं होगा। 

राहत की किरण
मनु ने कहा कि बाजार में और तेजी की उम्मीद है। आरबीआई रेट कम करने पर विचार कर रहा है। ताकि बाजार में घूम रहा पैसा आ सके। व्यापारी वर्ग से लिए सुझावों पर सरकार काम कर रही है। जैसे कि कॉर्पोरेट टैक्स के अलावा व्यक्तिगत कारोबार के टैक्स को कम करने पर सरकार विचार कर रही है। इन सब रिफॉर्म से ऑटो बाजार के पुनरुद्धार होने की भी उम्मीद की जा रही है। 
 

व्यापार बढ़ाने के लिए लाएं आधुनिकता

- फोटो : अमर उजाला
मंडी से आरडी गैस उद्योग के कार्यकारी निदेशक सुधांशु कपूर का कहना है कि व्यापारी अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए व्यापार में आधुनिकता लाएं , नई चीजों को बाजार में उतारना होगा।

आधुनिकता के चलते आज कुछ चीजों की मांग कम अवश्य हुई है। लेकिन अभी भी कुछ उत्पाद ऐसे हैं, जिनकी बाजार में बहुत ज्यादा मांग है। केंद्र सरकार द्वारा छोटे व्यापारियों को आयकर में छूट देनी चाहिए।

ताकि वे अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकें। प्रदेश सरकार व्यापारियों की दशा सुधारने के लिए बहुत से प्रयास कर रही है। इसी तरह केंद्र सरकार को भी करना चाहिए। 

सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें

- फोटो : अमर उजाला
रतन सिंह सर्राफ एंड संज के मालिक राजा सिंह मल्होत्रा का कहना है कि कारोबारी सकारात्मक सोच रखकर आगे बढ़े। आर्थिक मंदी का दौर आता है और चला जाता है। इसमें घबराने की जरूरत नहीं। आर्थिक मंदी को बिजनस का एक हिस्सा मानकर चलें। कारेबार में नयापन लाएं।

निवेशकों के लिए आकर्षक योजनाएं और ग्राहकों के लिए योजनाबद्ध ऑफर नई पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए अपनाएं। जिससे ग्राहक आकर्षित होंगे। एडवांस तकनीक को भी कारोबार में लाना होगा। 

कार्यक्रम से बढ़ेगा व्यापारियों का मनोबल

- फोटो : अमर उजाला
नेरचौक से सागर संचार के मालिक सागर कौंडल का कहना है कि जहां एक तरफ पूरा विश्व आर्थिक मंदी की चपेट में है, इस समय पर उमर उजाला परिवार का यह प्रयास अति सराहनीय है और व्यापारियों और समाज का मनोबल बढ़ाने वाला है। निश्चित ही इन प्रयासों से व्यापारियों का मनोबल बढ़ेगा। 

उत्सवों में नहीं मंदी का असर
नेरचौक से परमार इलेक्ट्रॉनिक्स के मालिक प्यारे लाल परमार का कहना है कि भारतीय परिवेश में पारिवारिक रिश्तों व त्योहारों का बहुत महत्व रहता है। दशहरा, दीपावली, नवरात्रों पर कोई भी मंदी असर नहीं कर सकती। परंपरा को निभाते हुए भारतीय इन दिनों जमकर खरीदारी करते हैं। अक्षय तृतिया के दिन सोना बिकता है और बिकेगा। चाहे भाव जो भी हो। 

त्योहारी सीजन में गति पकड़ता है व्यापार

- फोटो : अमर उजाला
नेरचौक से जोगिंद्रपाल-तिलक राज बर्तन भंडार नागचला के मालिक रूपेश शर्मा का कहना है कि आर्थिक मंदी से व्यापारियों को किसी तरह का फर्क नहीं पड़ता। त्योहारी सीजन में कारोबार अपने आप गति पकड़ता है। धनतेरस के दिन सोने और बर्तनों की खरीददारी होती है। हिंदुओं में इन त्योहारों में खरीददारी का खास महत्व है। मंदी के दौर में यह त्योहार संजीवनी बनकर कारोबार को ऊपर उठाएंगे। 

मांग को देखते हुए आपूर्ति करें कारोबारी
नेरचौक से नैना हार्डवेयर के मालिक रोशन लाल सैणी का कहना है कि आर्थिक मंदी के चलते व्यापारियों को समय के साथ चलना होगा। बाजार में उत्पाद की मांग को देखते हुए उसी की आपूर्ति करनी होगी। मंदी छोटे और मझौले कारोबारियों के लिए परेशानी करने वाली हो सकती है। लेकिन त्योहारों में अवश्य कारोबार में बूम आने की उम्मीद है। 
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तीन अक्तूबर को मेगा ऋण कैंप का आयोजन

लीड बैंक के प्रबंधक संतोष कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार ने कई ऋण योजनाएं भी शुरू की हैं। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना इसमें से एक है। 60 लाख तक के प्रोजेक्ट में 30 फीसदी सब्सिडी के साथ ऋण की सुविधा है।

मध्यम एवं बड़े उद्यमियों के लिए 59 मिनट पोर्टल के माध्यम से एक लाख से पांच करोड़ रुपये तक के ऋण आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा किसानो के लिए चार फीसदी ब्याज की दर पर किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध है।

इसके साथ ही नाबार्ड द्वारा प्रायोजित  दुग्ध उत्पादन योजना एवं  राष्ट्रीय पशुधन मिशन ले तहत 25 से 33.33 फीसदी अनुदान पर ऋण उपलब्ध है।  जिले में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अनुसार तीन अक्तूबर को मेगा ऋण वितरण कैंप का आयोजन होगा।
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