अमर उजाला की ओर से मंगलवार को आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में आए विद्यार्थियों ने सरकार से सभी जिलों में ज्यादा से ज्यादा कोचिंग सेंटर खोलने की मांग की है, जिससे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने की सुविधा मिल सके। मेधावियों का कहना है कि कुछ कोचिंग सेंटरों में फीस इतनी ज्यादा है कि गरीब परिवार का बच्चा फीस नहीं दे पाता। इसके अलावा फीस दे भी दें तो उस दर्जे की पढ़ाई नहीं होती। इसलिए विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा लेने के लिए बाहरी राज्यों में जाना पड़ता है।
'कोचिंग संस्थानों में फीस के मुकाबले नहीं मिलती सुविधा'
पहले ही कोचिंग सेंटर कम हैं। उनमें भी फीस के मुकाबले सुविधा नहीं दी जाती। इसलिए मजबूरन बाहरी राज्यों में कोचिंग के लिए जाना पड़ता है। हिमाचल में बेहतर संस्थान खुलें तो विद्यार्थियों को फायदा होगा-
शिवांगी शर्मा, बारहवीं कला संकाय में दूसरा रैंक, कांगड़ा
'प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग के लिए आना पड़ता है शिमला'
कुल्लू में कोचिंग सेंटरों की कमी है। इस वजह से प्रतियोगी परिक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को कोचिंग लेने के लिए शिमला या चंडीगढ़ जाना पड़ता है। सीएम से बात करने का मौका मिलता तो ज्यादा से ज्यादा कोचिंग सेंटर खोलने की मांग जरूर रखती-
कोमल, बारहवीं कला संकाय पांचवां रैंक, कुल्लू
'मेधावियों को सम्मानित होकर आगे बढ़ने की मिली प्रेरणा'
जिला सिरमौर में विद्यार्थियों को कोचिंग लेने के लिए नाहन आना पड़ता है। लेकिन वहां भी फीस के अनुसार कोचिंग नहीं दी जाती। अमर उजाला ने मेधावियों का सम्मानित करके आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया-
नेहा, बारहवीं कला संकाय में आठवां रैंक, सिरमौर