पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से हिंदी में स्नातकोत्तर और रंगमंच कलाकार अमनदीप कौर का कहना है कि हिंदी हमारी जड़ों में है। हिंदी सबकी शान है और हिंदी हमारी भारतीयता की प्रतीक है। इसके उच्चारण में संगीत की स्वर लहरियां हैं। हमारे देश के साहित्यकारों ने हिंदी को निरंतर समृद्ध किया है। कवियों ने हिंदी में नई लय भरी है। हिंदी में लगातार नया सृजन हो रहा है। हिंदी हमें एक सूत्र में जोड़ती है। हिंदी के साहित्यकारों की रचनाएं विश्व भर में अनुदित हुई हैं। सोशल मीडिया पर भी हिंदी की धूम है।