शुक्रवार को उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने बीडीओ से क्यारी गांव के लिए सड़क के बारे में जानकारी लेने के साथ प्राक्कलन भी मांगा। कुछ ही घंटों में प्राक्कलन तैयार होने के बाद उपायुक्त ने सड़क निर्माण के लिए 4.35 लाख रुपये भी मंजूर कर दिए।
बरसात से पूरी तरह कटे रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र की छछेती पंचायत के क्यारी गांव को लेकर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। शुक्रवार को उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने बीडीओ से क्यारी गांव के लिए सड़क के बारे में जानकारी लेने के साथ प्राक्कलन भी मांगा। कुछ ही घंटों में प्राक्कलन तैयार होने के बाद उपायुक्त ने सड़क निर्माण के लिए 4.35 लाख रुपये भी मंजूर कर दिए। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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इससे पहले पंचायत की ओर से कई प्रस्ताव भेजे गए। सड़क संबंधी समस्या को लेकर न केवल बीडीओ कार्यालय को प्रस्ताव सौंपे, बल्कि हाल ही में सिरमौर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को भी ज्ञापन सौंपकर समस्या बताई।
इसके बाद जब जान जोखिम में डालकर क्यारी गांव के बच्चों की स्कूल पहुंचने की डराने वाली तस्वीरें सामने आईं तो अमर उजाला ने एक सितंबर के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर छपते ही जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। उपायुक्त सिरमौर ने तुरंत इस मामले की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने बीडीओ से इसका प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए।
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कुछ ही घंटों के भीतर खाली अछोण से क्यारी गांव के लिए दो किलोमीटर लंबी एंबुलेंस योग्य सड़क का प्राक्कलन भी तैयार हो गया और पैसा भी मंजूर हो गया। यहां पहले भी एंबुलेंस योग्य सड़क थी, जिसका बरसात में नामोनिशान मिट गया। अब बच्चों को स्कूल जाने के लिए पैदल रास्ता तक नहीं बचा है।
ग्रामीण सुरेश शर्मा, विनोद, सुनील कपूर, नवयुवक मंडल के राकेश, कपिल देव, महिला मंडल की अध्यक्ष गंगा देवी ने बताया कि बरसात के तीन महीने क्यारी गांव पूरी तरह कट जाता है। एक तरफ गिरि नदी का तेज बहाव और दूसरी तरफ पैदल चलने के लायक रास्ते भी नहीं बचे हैं। उधर, बीडीओ प्रताप चौहान ने बताया कि सड़क का प्राक्कल तैयार करने के बाद पैसा मंजूर हो चुका है। जल्द गांव के लिए एंबुलेंस योग्य सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा।