फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उदयपुर: घर में घुसा दुर्लभ आईबैक्स, ग्रामीणों ने कुत्तों से बचाकर विभाग को सौंपा

Fri, 26 Mar 2021 10:42 AM IST
Krishan Singh दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
विज्ञापन
लाहौल में घर में घुसा आईबैक्स - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हिमाचल के प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति जिला में वन्यजीव अब स्थानीय लोगों के साथ घुल मिल रहे हैं। ताजा मामला लाहौल के दालंग गांव में पेश आया। जहां आईबैक्स(टंगरोल) गांव में विचरते हुए देखे जा सकते हैं। समुद्रतल से करीब 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर विचरण करने वाले दुर्लभ वन्यजीव आईबैक्स घर तक पहुंच गए हैं। बुधवार को चंद्राघाटी के दालंग गांव में एक आईवैक्स घर पहुंच गया।

विज्ञापन


जैसे ही ग्रामीणों ने घर में आईवैक्स को टहलते हुए देखा तो बिना छेड़खानी किए उसे अपने मोबाइल में कैद किया। बाद में लोगों ने उसे बचाकर सुरक्षित बाहर छोड़ दिया। लेकिन गांव के पास ही आईबैक्स  को लावारिस कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया। लोगों ने उसे कुत्तों से छुड़वाया और वन विभाग को सूचित कर दिया। विभाग ने लोगों की सहायता से घायल आईबैक्स को उपचार के लिए केलांग पहुंचाया।

बता दें कि लाहौल घाटी में आईबैक्स, बर्फानी तेंदुआ, घोरल, भूरा एवं काला भालू, कस्तूरी मृग, हिमालयन रेड फोक्स, हिमालयन थार सहित कई जीव जंतु मौजूद हैं। जिला में महिलाओं की एक बड़ी पहल से वन्यजीवों के शिकार व वन कटान पर पाबंदी लगाने से वन्यजीवों को संरक्षण मिलने के साथ वनों का दायरा भी बढ़ रहा है। जानकारी के मुताबिक 12 साल से लाहौल घाटी में वन्यजीवों के अवैध शिकार का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
विज्ञापन


गौंधला में तैनात वनरक्षक टिंकल भाट ने बताया कि दालंग गांव के लोगों ने एक बेजुवान से छेड़छाड़ न करते हुए घायल आईबैक्स का उपचार करवाया है। वन विभाग के डीएफओ दिनेश शर्मा ने बताया कि घायल आईबैक्स का इलाज चल रहा है। हालत में सुधार होते ही उसे जंगल में छोड़ा जाएगा। आईबैक्स को दालंग से रेस्क्यू कर केलांग लाया गया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें