प्रदेश सरकार की ओर से बनाई गई स्कूल बैग पॉलिसी में प्रकाशकों को पुस्तकों पर उसके वजन का उल्लेख करना होगा। इसके अलावा फाइलों का वजन कम करने के लिए भी हल्की सीटें लगानी होंगी। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सूबे के सभी सरकारी और बोर्ड की ओर से संबद्धता प्राप्त सभी स्कूलों को इस पॉलिसी को अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग, एक्सपर्ट कमेटी और एनसीआरटी की ओर से स्कूल बैग पॉलिसी-2020 में कई सुझाए दिए गए हैं, जिससे कि स्कूली बच्चों के बैग के वजन को कम किया जा सके।
इस पॉलिसी में स्कूल पुस्तकों के प्रकाशकों को पुस्तकों का मुद्रण करने के दौरान उन पर किताब के वजन का भी उल्लेख करना होगा। इसके अलावा प्रैक्टिकल सहित अन्य प्रोजेक्टों में प्रयोग की जाने वाली फाइलों को भी इस तरह से बनाना होगा कि उससे स्कूली छात्रों के बैग के वजन को कम किया जा सके। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी की गई स्कूल बैग पॉलिसी-2020 में कुल 19 सुझाव बैग के वजन को कम करने के लिए सुझाए गए हैं।
इनमें मुख्य तौर पर जहां नोटबुक में पन्नों की संख्या को भी जरूरत के हिसाब से करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा स्कूलों में लॉकरों का प्रावधान करना, छात्रों को दिए जाने वाले होमवर्क के लिए अल्टर्नेट तैयार करना और पाठ्यपुस्तकों के वजन को कम करना भी शामिल है। इसके अतिरिक्त छात्रों के स्कूल बैग के वजन को कम करने के लिहाज से 19 बिंदुओं का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संदर्भ में स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सभी सरकारी और बोर्ड से संबद्धता प्राप्त सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।