फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan: बद्दी अस्पताल में बच्चे की मौत पर लापरवाही का आरोप, हंगामा

Wed, 19 Feb 2025 11:15 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी(सोलन)

सार

सोलन जिले के बद्दी अस्पताल के एक चिकित्सक पर बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज न मिलने से बच्चे की मौत हो गई। 
विज्ञापन
बच्चे की मौत पर परिजनों ने की नारेबाजी। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बद्दी अस्पताल के एक चिकित्सक पर बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज न मिलने से बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने मंगलवार सुबह अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि अगर बच्चे को चिकित्सक समय रहते उपचार दे देता तो उसकी जान बच जाती। वहीं बीएमओ ने कहा कि शिकायत आने पर जांच की जाएगी। जानकारी के अनुसार चंबा के सलूणी निवासी भूपेंद्र झाड़माजरी में निजी कंपनी में काम करते हैं। उनके चार साल के बेटे पीयूष की सोमवार शाम को अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे लगातार खांसी हो रही थी। भूपेंद्र ने एक मेडिकल शाॅप से दवा ली, लेकिन उसकी खांसी बंद नहीं हुई। उसके बाद भूपेंद्र तुरंत देर रात उसे बद्दी अस्पताल लाए।

विज्ञापन

आरोप है कि वहां पर तैनात चिकित्सक अपने कमरे में आराम कर रहा था। भूपेंद्र ने बताया कि वह अपने बेटे को दिखाने के लिए गुहार लगाता रहा। तब एक चौकीदार उसके बेटे को उस कमरे में ले गया, जहां पर चिकित्सक सोया हुआ था। आरोप है कि चिकित्सक ने कहा कि अभी यहां पर कोई दवाई नहीं है, सुबह लेकर आना। इस पर भूपेंद्र अपनी पत्नी व बीमार बेटे को लेकर अस्पताल के आगे बेंच पर बैठा रहा। बेटे की तबीयत ठीक होने की बजाय और बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया।
विज्ञापन

उसके बाद भूपेंद्र बेटे को इलाज के लिए पीजीआई ले गया, लेकिन पीजीआई पहुंचते ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। वहीं चिकित्सक ने कहा कि घुटने में दर्द होने के कारण वह बेड पर ही बैठकर मरीज को देखता रहा। रात को 3:30 बजे आए बच्चे को पहले ही खांसी की दवा पिलाई हुई थी। ऐसे में उसे दूसरी दवाई नहीं दी। मृतक बच्चे के पिता ने अपने परिजनों के साथ मंगलवार सुबह बद्दी अस्पताल में पहुंचकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, बीएमओ बद्दी डॉ. योगेश गुप्ता ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो उसकी विभागीय जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें