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आईजीएमसी में अब मुफ्त होंगे हेपेटाइटिस सी के सभी टेस्ट

Sat, 12 Oct 2019 12:14 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में हेपेटाइटिस सी के रोगियों को महंगी दरों पर टेस्ट नहीं करवाने होंगे। हजारों रुपये के यह टेस्ट अस्पताल में अब मुफ्त में होंगे। नेशनल हेल्थ मिशन अस्पताल में होने वाले इन टेस्टों और दवाइयों की पूरी फंडिंग करेगा। एनएचएम की ओर से इस बाबत अधिसूचना तक जारी कर दी है। अधिसूचना के बाद अस्पताल प्रशासन इस काम में जुट गया है।

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अस्पताल में इलाज करवाने आने वाले इन बीमारियों से ग्रसित रोगियों के रेपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट, एलाइजा, एचसीयू-एबी, हीमोग्लोबिन, बिलरुबिन और वायरल लोड जैसे छह बेसिक टेस्ट मुफ्त होंगे। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इन टेस्ट की कीमत हजारों रुपये में है। ऐसे में बीमारी की जद्द में आए इन मरीजों को उपचार के दौरान किसी भी तरह का खर्चा नहीं उठाना होगा। आईजीएमसी में हाल ही में हेपेटाइटिस सी रोग से ग्रस्त एक मरीज सामने आया है। प्रबंधन द्वारा मरीज की पहचान करके इसके टेस्ट मुफ्त करवाए है।

इसके अलावा टेस्ट और दवाइयों का मरीज को कोई खर्चा नहीं उठाना होगा। प्रदेश भर से इलाज करवाने आने वाले रोगियों को इसका सीधा लाभ होगा। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने बताया कि हेपेटाइटिस सी बीमारी के निदान और उपचार का समस्त खर्चा सरकार उठाएंगी। मरीजों को इलाज तथा टेस्ट को लेकर किसी भी तरह का खर्चा नहीं करना होगा।
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लीवर हो जाता है खराब
डॉक्टरों के मुताबिक हेपेटाइटिस सी वायरस एचसीवी की वजह से होता है। यह लीवर को प्रभावित करता है। बीमारी ठीक न हो तो लीवर कैंसर भी हो जाता है। हालांकि 90 दिन के कोर्स ही इसका पूरा इलाज है, और देखभाल से ठीक हो जाता है।

 ऐसे फैलता है वायरस
- दूषित सिरिंज का उपयोग करना
- पीड़ित गर्भवती महिला से बच्चे को होना
- दूषित रक्तदान, अंगदान या लंबे समय तक डायलिसिस द्वारा मिलना
- दूषित सुई से टैटू बनवाने से
- इंजेक्शन से नशीली दवाओं का प्रयोग करना

यह हैं लक्षण
इस बीमारी की जद्द में आने के बाद मरीज को पीलिया भी हो जाता है। यह काफी खतरनाक हो जाता है। इस दौरान एहतियात बरतने में बचा जा सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक बीमारी के दौरान शराब के सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा नियमित जांच करवानी चाहिए।

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