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All Party Meeting Himachal: सीएम बोले- अवैध निर्माण किसी भी समुदाय का बर्दाश्त नहीं, कानून से ऊपर कोई नहीं

Fri, 13 Sep 2024 07:14 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया। 
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शिमला में हुई सर्वदलीय बैठक शिमला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अवैध निर्माण किसी भी समुदाय का बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश में सभी धर्मों का सम्मान सर्वोपरि है। कानून से ऊपर कोई भी नहीं है। प्रदेश में कुछ दिनों से मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर जारी संघर्ष के बीच मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए संयुक्त समिति के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया। समिति पूरे प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नीति बनाने का काम करेगी। कमेटी का गठन जल्द किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी भी रूप में धार्मिक मुद्दा नहीं है, बल्कि सामुदायिक संतुलन और समृद्धि का विषय है। कानून से ऊपर कोई भी नहीं है। शिमला में अवैध मंजिलें और मंडी में अवैध दीवार तोड़ने की मुस्लिम समुदाय की सिफारिश को मुख्यमंत्री ने समाज के लिए अच्छी पहल करार दिया। सर्वदलीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, भाजपा विधायक रणधीर शर्मा, माकपा नेता और पूर्व विधायक राकेश सिंघा, आम आदमी से सुरजीत ठाकुर और स्थानीय विधायक हरीश जनारथा मौजूद रहे।

सर्वदलीय बैठक के बाद प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अवैध निर्माण के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हिमाचल प्रदेश शांति, अमन और भाईचारे का प्रतीक है। यहां काम करने का अधिकार हर धर्म, समुदाय के लोगों को उनके अधिकारों के पूर्ण सम्मान के साथ प्राप्त है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकल लोग बाहर से आने वाले लोगों को अपनी दुकानों के बाहर बिठाते हैं। प्रदेश में लेबर क्लास कम है, इसलिए दुकानों के बाहर ये लोग बैठ रहे हैं, इससे बाजारों में चलने की समस्या आ रही है। संजाैली विवाद का कानूनी हल निकाला जाएगा। सभी से अपील है कि प्रदेश में शांति एवं आपसी भाईचारा बनाए रखें। सभी राजनीतिक दलों ने राज्य में संस्कृति, शांति और सद्भाव बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कुछ समय से जो झगड़ा था, उससे स्थिति बिगड़ी और लोगों ने एक समुदाय के प्रति गुस्सा महसूस किया गया। कई बार ऐसा होता है कि किसी मुद्दे पर युवा लड़ जाते हैं और स्थानीय लीडरशिप उसमें अपनी राजनीति के लिए आगे बढ़ती है। फिर कहीं न कहीं ऐसी स्थिति पैदा होती है कि छोटी सी बात किसी मुद्दे के रूप में सामने आती है।

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मंत्रियों के भाजपा पर लगाए आरोपों को बताया पुरानी बात
कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह और अनिरुद्ध सिंह की ओर से वीरवार को मस्जिद निर्माण के लिए धनराशि देने का पूर्व भाजपा सरकार पर लगाए गए आरोपों को मुख्यमंत्री ने पुरानी बात कहा। यह बात अतीत की है। अब सर्वदलीय बैठक हो कई है। इन बातों पर राजनीति रोटियां नहीं सेंकनी चाहिए। अब वर्तमान और भविष्य के बारे में विचार करना चाहिए। दिल्ली से मामले पर राजनीतिक दलों की चर्चा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं परवाणू से ऊपर की बात कर सकता हूं।

प्रदर्शन करना लोकतंत्र की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन करना लोकतंत्र की व्यवस्था भी है, अपनी बात रखने का तरीका भी है। लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। मैं, रणधीर शर्मा, राकेश सिंघा और जेपी नड्डा छात्र राजनीति से निकले हैं। धक्का मुक्की, बैरिकेट्स टूट जाते हैं। कुछ शरारती लोग ऐसे प्रदर्शनों में शामिल होकर माहौल खराब करते हैं। ऐसे लोगों को किसी भी मांग और समुदाय से कुछ लेना नहीं होता। ऐसे लोगों को चिह्नित करना चाहिए।


 
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