दोपहर तक पत्थर गिरते रहे और मौके पर तैनात मशीनरी मार्ग को बहाल करती रही, लेकिन दोपहर बाद ऊपरी पहाड़ी से लगातार पत्थरों के गिरने के कारण बीआरओ को एहतियातन एनएच पर आवाजाही बंद करवानी पड़ी। एनएच-505 बंद होने से चांगो, शलखर, सुमरा पंचायत सहित समदो, काजा और स्पीति की ओर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। निगुलसरी में ऊपरी पहाड़ी से भूस्खलन होने से वीरवार शाम को एक बार फिर राष्ट्रीय उच्च मार्ग-पांच अवरुद्ध हो गया। शुक्रवार को करीब 15 घंटे बाद एनएच-पांच यातायात के लिए बहाल हुआ। जिला कुल्लू और लाहौल की ऊंची चोटियों में बर्फबारी का दौर शुरू होने से मनाली-लेह मार्ग पर सफर करना भी जोखिम भरा हो गया है।
वीरवार रात से चोटियों में फाहे गिरे रहे हैं। इससे घाटी का पारा लगातार लुढ़क रहा है। वीरवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 14.0, धर्मशाला-सोलन में 18.0, ऊना-नाहन में 22.0, मनाली में 16.1, कांगड़ा में 19.8, मंडी में 20.2 और बिलासपुर में 21.7 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ। वीरवार रात को धर्मशाला में 41, कल्पा में 20, पालमपुर में 46, सोलन में 5 और शिमला में 8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
सितंबर में सामान्य से पांच फीसदी अधिक बरसे बादल
प्रदेश में एक से 13 सितंबर तक सामान्य से पांच फीसदी अधिक बादल बरसे। बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिले में सामान्य से अधिक मेघ बरसे। चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और ऊना जिला में सामान्य से कम बारिश हुई। प्रदेश में इस अवधि के दौरान 72 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान 68.6 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। उधर, मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में अभी भी सामान्य से 20 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।