शहर में आने वाली निजी और सरकारी बसों, ट्रैवलर समेत बाहर से आने वाली बसों पर कूड़ा शुल्क लगाने को सदन ने दी मंजूरी
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जितनी बार खाली होगा कूड़ेदान, उतनी बार लगेगा शुल्क
न देने पर जुर्माने का भी प्रावधान, सरकार देगी अंतिम मंजूरी अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में आने वाले सभी बड़े यात्री वाहनों को अब कूड़ा शुल्क चुकाना होगा। एचआरटीसी और निजी बसों के अलावा प्रदेश के बाहर से आने वाली बसों से भी यह शुल्क लिया जाएगा। इसमें पर्यटक बसें भी शामिल हैं। नगर निगम सदन ने कूड़ा शुल्क की दरें तय करते हुए इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
अब अंतिम मंजूरी के लिए इस प्रस्ताव को सरकार को भेजा जाएगा। कूड़ा शुल्क न देने पर 500 रुपये जुर्माने का भी प्रावधान रखा है। महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई नगर निगम की मासिक बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। निगम प्रशासन ने कहा कि सरकार ने सभी बड़े यात्री वाहनों में अब कूड़ेदान रखना अनिवार्य कर दिया है। एचआरटीसी बसों समेत निजी बस संचालकों ने यह व्यवस्था लागू कर दी है। हालांकि इन बसों में एकत्र होने वाला कचरा कहां फेंका जाएगा, इसकी अभी पुख्ता व्यवस्था नहीं है। इसके चलते कई बस चालक खुले में ही यह कचरा फेंक रहे हैं। इससे गंदगी फैल रही है। अब नगर निगम इसकी व्यवस्था करेगा। शहर के प्रवेशद्वारों पर निगम इन वाहनों से कूड़ा लेगा। इसके एवज में शुल्क वसूला जाएगा। हालांकि यह शुल्क तभी देना होगा जब बस चालक कूड़ेदान खाली करेगा। यदि रोज कूड़ेदान खाली करना पड़ रहा है तो यह शुल्क भी रोज लगेगा। कूड़ेदान रोज खाली करना है या नहीं, यह बस संचालक तय करेंगे।
किसका कितना रहेगा शुल्क मिनी बस-ट्रैवलर 80 रुपये बड़ी बस, वॉल्वो, डीलक्स बस 120 रुपये एचआरटीसी बस 100 रुपये
यहां बनेंगे सेंटर
नगर निगम की योजना के अनुसार शहर के प्रवेशद्वार शोघी, टुटू, ढली, मैहली में कूड़ा इकट्ठा करने के लिए सेंटर बनेंगे। यहीं पर सैहब कर्मी शुल्क भी लेंगे। इस पैसे का इस्तेमाल शहर को हरा भरा करने, सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में किया जाएगा। पिछले सदन में कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा ने इसका प्रस्ताव रखा था जिसे सदन ने इस बार पारित कर दिया। प्रस्ताव के अनुसार एंबुलेंस, दमकल वाहन, पुलिस वाहन, सरकारी वाहनों को इसमें छूट मिलेगी।