सैकड़ों संपर्क मार्ग भूस्खलन के चलते बंद पड़े हैं। इस कारण सेब खराब हो रहा है। प्रदेश सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली भी संतोषजनक नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने की बात कही थी। बाद में अमेरिका से आयातित सेब पर यह आयात शुल्क बढ़वाने के आदेश जारी हुए, मगर अभी तक लागू नहीं हुए हैं।
प्रधानमंत्री की इस जुमलेबाजी के चलते बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हिमाचल में सेब का कारोबार करने के लिए आने वाले आढ़तियों का पंजीकरण करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बागवानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर सरकार का रवैया नहीं बदला तो सचिवालय का घेराव करने से भी गुरेज नहीं होगा। इस अवसर पर कांग्रेस नेता महेश्वर चौहान और रजनीश किमटा भी मौजूद रहे।