इसमें सात अभ्यर्थी ही परीक्षा में पहुंचे, जबकि बाकी गैरहाजिर रहे। छंटनी परीक्षा की मेरिट के आधार पर छह अभ्यर्थियों को पंद्रह अंकों की मूल्यांकन परीक्षा के लिए आयोग के कार्यालय में बुलाया गया। लेकिन 3 अभ्यर्थी मूल्यांकन परीक्षा से अनुपस्थित रहे।
जबकि शेष तीन अभ्यर्थियों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों व न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने पर आयोग ने अयोग्य घोषित कर दिया। आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि पर्यवेक्षक के दो पदों के लिए कोई भी योग्य अभ्यर्थी न मिलने के चलते दोनों पद खाली रह गए हैं।