हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू से पीडि़त 37 वर्षीय व्यक्ति की मौत का पहला मामला सामने आने के बाद हड़कंप की स्थिति है। सोलन बाजार के रहने वाले युवक की मौत के एक दिन बाद आईजीएमसी शिमला में ब्लड सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से इसकी पुष्टि हुई है। मौत के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने और सतर्कता बढ़ा दी है।
आईजीएमसी प्रशासन ने सोलन के सीएमओ को परिजनों को एहतियात के तौर पर दवाएं देने की विशेष हिदायत दी है। आईजीएमसी प्रशासन का कहना है कि शनिवार रात को अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर सोलन के युवक को उपचार के लिए स्थानीय सिविल अस्पताल ले जाया गया।
युवक को चेस्ट इंफेक्शन की शिकायत थी
रात करीब ढाई बजे स्वास्थ्य जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे आईजीएमसी रेफर किया था। रविवार तड़के युवक शिमला पहुंचा। युवक को चेस्ट इंफेक्शन की शिकायत थी। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद अंदेशा जताया कि इसे स्वाइन फ्लू हो सकता है, लिहाजा इसका ब्लड सैंपल लिया गया। लेकिन सैंपल लेने के करीब डेढ़ घंटे बाद ही युवक की मौत हो गई। सोमवार को टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश का कहना है कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू से यह पहली मौत है। मरीज को सोलन से यहां लाया गया था। अस्पताल में दो और मरीज दाखिल हैं इनकी हालत खतरे से बाहर है। चार सैंपल लिए गए थे, इनमें से एक पॉजिटिव और तीन नेगेटिव पाए गए। सीएमओ सोलन को इस बारे में इत्तला दे दी गई है ताकि वह युवक के परिजनों को ऐतिहात के तौर पर दवाएं दे सके।
हिमाचल में छह पॉजिटिव मामले
हिमाचल में स्वाइन फ्लू से पीडि़त छह मामलों की पुष्टि हो चुकी है। रविवार और सोमवार को डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में उपचार करवाने आए तीन संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच को शिमला भेजे हैं। हमीरपुर से भी एक संदिग्ध मरीज का सैंपल भेजा गया है।
16 फरवरी तक 34 मरीजों के लक्षण पाए जाने की स्थिति सैंपल की जांच की जा चुकी है। इसमें से महज छह मरीज ही स्वाइन फ्लू से पीडि़त थे। स्वाइन फ्लू के तीनों संदिग्ध मरीजों को आइसोलेटिड वार्ड में रखा गया है।
स्वाइन फ्लू पर केंद्र ने हिमाचल को किया अलर्ट
स्वाइन फ्लू की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को अलर्ट किया है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने स्वाइन फ्लू के मरीजों को दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता और कीमत पर ध्यान रखने के लिए निर्देश दिया है। मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में किट उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
केंद्र की ओर से दो दिन पहले ही पत्र भेजा गया है। देश के तमाम राज्यों की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी स्वाइन फ्लू के मरीज आने लगे हैं। प्रदेश में 16 फरवरी तक पांच मरीजों में स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की जा चुकी है। इसको ध्यान में रखकर डॉ. जीएन सिंह ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से यह अलर्ट जारी किया गया है।
दवाओं की गुणवत्ता पर नजर रखने के दिए निर्देश
केंद्र सरकार ने कहा है कि मरीजों को गुणवत्ता वाली और सही कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे स्वाइन फ्लू के मरीजों का इलाज करने में आसानी हो सके।
इन मरीजों के खून की जांच करने के लिए हर स्तर पर पर्याप्त मात्रा में किट उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है। दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने बताया कि यह पत्र मिल चुका है। दवाओं की गुणवत्ता और कीमत पर पैनी नजर रखी जा रही है।
शक्तिपीठों में तैनात होगी डॉक्टरों की टीम
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों में डॉक्टरों की टीमों की तैनाती की जाएगी, जिससे कोई संदिग्ध मरीज आने की स्थिति में तत्काल सैंपल लेकर इलाज शुरू किया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सोमवार को सचिवालय में स्वाइन फ्लू की स्थिति को लेकर विभागीय अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि 15 फरवरी तक केवल पांच मरीजों के सैंपल से स्वाइन फ्लू होने की पुुष्टि हुई है। बीमारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नयना देवी, चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, बज्रेश्वरी देवी, चामुंडा और बाबा बालक नाथ मंदिर के आसपास डॉक्टरों की टीमें तैनात की जाएंगी।