फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वायरस को लेकर हिमाचल में अलर्ट, आईसोलेशन वार्ड स्थापित करने के निर्देश

Wed, 29 Jan 2020 10:29 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट किया है। सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में आईसोलेशन वार्ड स्थापित करने के निर्देश दिए है। हालांकि, प्रदेश में अभी तक इस बीमारी का मरीज नहीं आया है, लेकिन सरकार ने अपनी ओर से लोगों को एहतियात बरतने को कहा है।

विज्ञापन


स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि सर्दियों के मौसम में खांसी जुकाम, नाक का बहना और शरीर में दर्द जैसे बीमारी को लेकर लोगों को डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए। गंभीर बीमारी को लेकर समय समय पर अस्पताल प्रशासन को अलर्ट किया जाता है। 

विज्ञापन

आईसोलेशन वार्ड  में दाखिल कर दिए मेडिसिन मरीज

वहीं, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कोरोना वायरस को लेकर बनाए गए आईसोलेशन वार्ड में अव्यवस्था का माहौल है। अस्पताल के आठ बिस्तर वाले इस वार्ड में मेडिसिन वार्ड के मरीज भर्ती हैं। अस्पताल प्रशासन ने सिर्फ कोरोना वायरस के मरीजों के लिए आईसोलेशन वार्ड बनाने का दावा किया गया था। ऐसे में अब कोई संदिग्ध मरीज हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में आता है तो उसका इलाज क्या इन्हीं मरीजों के साथ होगा, यह सवाल उठने लगा है। अमर उजाला टीम ने अस्पताल के ई ब्लॉक स्थित आईसोलेशन वार्ड का दौरा किया।

यहां पाया गया कि वार्ड में करीब तीन से चार महिला मरीज दाखिल हैं। चिकित्सक मरीजों को उपचार दे रहे हैं जबकि नियमों के मुताबिक इस वार्ड को सिर्फ कोरोना वायरस की चपेट में आए मरीजों के लिए ही सिर्फ इंतजाम होने चाहिए। हालांकि इस वार्ड के साथ आईसीयू में वेंटिलेटर की सुविधा है, जहां तीन वेंटिलेटर के अलावा इधर से उधर आवाजाही करने वाला एक वेंटिलेटर है। चंडीगढ़ के मोहाली में भी संदिग्ध मरीज के सामने आने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में अगर बाहरी देशों से आया मरीज हिमाचल में पाया जाता है तो अस्पताल प्रबंधन के अधूरे इंतजाम के कारण बाकी के मरीजों की समस्या बढ़ सकती है।

बीमारी का पता लगते ही करेंगे दाखिल
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने बताया कि अगर बाहरी देश से हिमाचल आए किसी मरीज में यह वायरस पाया जाता है तो जांच के बाद तुरंत उसे आईसोलेशन वार्ड में दाखिल किया जाएगा। कहा कि अगर ऐसा मरीज नहीं आता है तो बाकी के मरीजों को सामान्य तौर पर यहां पर रूटीन की तरह उपचार दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें