अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति प्राप्त करने पर जिला कांगड़ा के नूरपुर की मुस्कान गोरा की खुशी कोई ठिकाना नहीं है। मुस्कान ने बताया कि उपराष्ट्रपति सर ने मुझे आशीर्वाद दिया। अमर उजाला फाउंडेशन के चलते मुझे यह मौका मिल पाया।
मुस्कान कहती हैं कि इस छात्रवृत्ति की राशि से जमा दो के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें और कोचिंग हासिल करेगी। वर्तमान में मुस्कान बीटीसी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल नूरपुर में जमा एक की छात्रा है।
आगे चलकर हृदय रोग विशेषज्ञ बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं। इसके लिए मुस्कान रोजाना स्कूल के अलावा पांच से छह घंटे तक पढ़ाई करती है। मुस्कान का कहना है कि अमर उजाला फाउंडेशन की बदौलत उसे अपना सपना पूरा करने का हौसला मिला है और वह अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति योजना के
बारे में मेरे दोस्तों को बताती है ताकि मध्याम व गरीब परिवार के बच्चों को भी आगे बढने का हौसला मिल सके। मुस्कान के पिता नरेश गोरा स्ट्रीट वेंडर हैं और माता प्रमिला गोरा गृहिणी हैं।
मुस्कान के दो छोटे भाई हैं। वहीं, मुस्कान के माता-पिता ने भी अमर उजाला फाउंडेशन को गरीब व मध्यम तबके के होनहार छात्रों को मंच प्रदान करने के लिए आभार जताया है।
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा पास कर छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले शिमला के अक्षय कुमार और उसके माता-पिता, बहन फू ले नहीं समा रहे हैं। अक्षय को बीते दिन दिल्ली में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के हाथों छात्रवृत्ति का चेक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मान पाने के बाद शिमला लौटे अक्षय ने अपने इन खुशियों के पलों को अमर उजाला के साथ साझा किया। अक्षय ने कहा कि अमर उजाला ने उन्हें मान-सम्मान के साथ पूरे देश और प्रदेश भर में अपने को साबित करने और पहचान बनाने का मौका दिया है।
इस छात्रवृत्ति को पाने से अब उसका सीए बनने की राह आसान हो जाएगी। 50 हजार की छात्रवृत्ति प्राप्त करने पर अक्षय कुमार ने बताया कि वह और उनकी माता दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। मां बंती देवी की खुशी साफ चेहरे पर झलक रही थी।
इलैक्ट्रीशियन पिता धर्म चंद एक हादसे में घायल होने के बाद अभी तक काम नहीं कर पा रहे हैं। माता बंती देवी घर पर ही सिलाई का काम कर किसी तरह से परिवार चला रही है। बहन दीक्षा कॉलेज में पढ़ रही है।
अक्षय ने कहा कि घर की खराब आर्थिक स्थित के चलते उसे आगे पढ़ाई करना मुश्किल हो गया था। ऐसे समय में अमर उजाला की यह छात्रवृत्ति उनके लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई है।
अब वह अपनी पढ़ाई कर सकेगा। उप राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने से आगे बढ़ने की ऊर्जा मिली है। पिता धर्म चंद, माता बंती देवी और अक्षय ने इस छात्रवृत्ति को प्रदान करने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का आभार जताया।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति-2017 सम्मान समारोह में सम्मानित हुई जिला हमीरपुर की इशिका सिंह ने अमर उजाला का आभार व्यक्त किया है। सम्मान पाकर इशिका काफी खुश है।
इशिका ने कहा कि इस छात्रवृत्ति से उसकी पढ़ाई में बहुत सहयोग मिला है। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति से आगे बढ़ने और अच्छी पढ़ाई करने में सहयोग मिला है। इशिका ने कहा कि वह फिजिक्स में ग्रेजुएशन करने के बाद स्पेस रिसर्च के क्षेत्र में काम करना चाहती है।
अमर उजाला में सम्मान मिलने का फोटो और खबर छपने के बाद रिश्तेदारों, दोस्तों और अध्यापकों से बधाई मिल रही है। छात्रवृत्ति सम्मान पाने के बाद उसके हौसले बुलंद हुए हैं और माता-पिता का नाम भी रोशन हुआ है।
इशिका के पिता सुनय सिंह एडवोकेट हैैं और माता पंचायत सचिव हैं। इशिका मुख्य रूप से भोरंज उपमंडल की ग्राम पंचायत कंज्याण के ढो गांव की रहने वाली है। वह वर्तमान में अपने परिवार के साथ हमीरपुर में रह रही है।
इशिका ने बारहवीं तक की पढ़ाई जिला मुख्यालय के निजी स्कूल से की है। दसवीं कक्षा में इशिका मेरिट में दसवें स्थान पर रही है। इसके बाद इशिका का चयन अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए हुआ।
वर्तमान में इशिका ने बारहवीं नॉन मेडिकल की परीक्षा दी है। अब वह कोचिंग की तैयारी कर रही हैं। उसने कहा कि उसका इसरो में काम करने का सपना है। सम्मान मिलने से परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों में खुशी का माहौल है।