उन्होंने कहा कि इन दोनों मुख्य राजमार्गों पर पर्यटक वाहनों की अत्याधिक आवाजाही रहती है। निर्माण कार्य सही ढंग से हो ताकि सैलानियों और आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के जिन हिस्सों को स्वीकृतियां प्रदान की जा चुकी हैं उनके कार्यों में तेजी लाई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य को मापदंडों के अनुरूप करने पर जोर दिया। वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण अनिल खाची ने इन परियोजनाओं में की गई प्रगति के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव मनीषा नंदा, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गुरसेवक सिंह सांघा, परियोजना निदेशक कर्नल योगेश और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।