मास्टर प्लान में एयरपोर्ट निर्माण की पूरी प्लानिंग को दर्शाया जाता है। जिसमें किस एरिया का डेवलपमेंट कैसे किया जाएगा। कहां पर रनवे होगा और कहां पर टर्मिनल बनेगा। हवाई अड्डे का परिसर कहां और कैसे होगा। मास्टर प्लान बनाने के समय पब्लिक पॉलिसी और व्यक्तिगत हित आदि पहलुओं पर विचार किया जाता है। इन सब तथ्यों का अवलोकन करने के बाद मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिया जाता है।
भुंतर रनवे से इतनी बड़ी होगी मंडी हवाई पट्टी- वर्तमान में सूबे में तीन हवाई पट्टी का निर्माण किया गया है, लेकिन मंडी हवाई अड्डे का रनवे सबसे बड़ा 3150 मीटर लंबा होगा। भुंतर का रनवे 1052 मीटर, शिमला का 1230 मीटर जबकि गगल हवाई अड्डे का रनवे 1372 मीटर लंबा है।