मई और जून में पर्यटन सीजन अपने चरम पर होता था तो हवाई जहाज में किराया भी 10 से 15 हजार के बीच होता था। इस बार पर्यटन सीजन पूरी तरह कोरोना की मार से ठप पड़ा है। इसके चलते हवाई सेवाओं के किराये में भी भारी कमी आई है।
हवाई टिकटों को महंगे व सस्ते दामों पर विक्रय करना मांग के अनुसार होता है। अगर मांग कम होगी तो किराया कम और ज्यादा होगा तो किराये में बढ़ोतरी होगी। - कमल किशोर शर्मा, निदेशक, हवाई अड्डा गगल