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Himachal Masjid: संजौली मस्जिद का गुपचुप दौरा कर गए AIMIM नेता जमई, वीडियो वायरल, भड़के हिंदू-मुस्लिम संगठन

Wed, 25 Sep 2024 09:02 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

एआईएमआईएम के दिल्ली अध्यक्ष डाॅ. शोएब जमई ने शिमला पहुंचकर संजौली मस्जिद का दाैरा लिया। इस दाैरान उन्होंने इस संबंध में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट डाली।
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एआईएमआईएम नेता शोएब जमई - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संजौली मस्जिद में कथित अवैध निर्माण का विवाद फिर गरमा गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के नेता डॉ. शोएब जमई के संजौली मस्जिद का गुपचुप दौरा करने के बाद उनके वीडियो वायरल होने से हिंदू और मुस्लिम संगठन भड़क गए हैं। वहीं, उधर, जमई के बयानों और वायरल वीडियो से संजौली मस्जिद कमेटी ने किनारा कर लिया है।
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एआईएमआईएम के दिल्ली अध्यक्ष जमई 23 सितंबर को शिमला पहुंचे थे। उन्होंने बिना किसी को भनक लगे मस्जिद का निरीक्षण किया। शिमला से लौटने के अगले ही दिन 24 सितंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विवाद से जुड़े वीडियो और बयान पोस्ट किए, जो वायरल हो गए। मस्जिद की पांचवीं मंजिल पर बनाए वीडियो में जमई ने मस्जिद को अवैध बताने पर सवाल उठाए। वीडियो में मस्जिद के चारों ओर बने बहुमंजिला भवन दिखाते हुए कहा कि इनकी ऊंचाई मस्जिद के बराबर या ज्यादा है। यदि मस्जिद अवैध है तो ये भवन भी अवैध हैं। उन्होंने कहा कि मस्जिद कमेटी से राजस्व संबंधी दस्तावेज उन्होंने ले लिए हैं और अब कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। यह भी कहा कि लोग तय नहीं करेंगे कि मस्जिद में अवैध निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि यहां मुस्लिम समुदाय की संख्या कम है, इसलिए कमेटी ने मजबूरी में फैसला लिया, लेकिन हम इन्हें स्पोर्ट करेंगे। हमने मौलाना से बात की है। सरकार भी अपनी जिम्मेदारी समझे।

दूसरी पोस्ट में जमई ने लिखा कि 1940 और 1960 के सरकारी दस्तावेज में (वक्फ) मस्जिद का सुबूत है। 100 साल पुरानी मस्जिद की जर्जर हालत होने पर दोबारा से बनाया था। यह शिमला संजौली मस्जिद का कानूनी दस्तावेज है, जिसे मैंने जनहित याचिका के उद्देश्य से मस्जिद समिति से प्राप्त किया है। यह दर्शाता है कि यह मूल रूप से 1940 (1914) में अहले इस्लाम मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी (वक्फ द्वारा पंजीकृत) के लिए वक्फ थी और 1960 के भूमि पंजीकरण अधिनियम (खसरा-खतौनी) में (अहले इस्लाम) वक्फ संपत्तियों के तहत इसका दस्तावेजीकरण भी किया गया है। पहले इसे एकीकृत पंजाब वक्फ बोर्ड द्वारा प्रशासित किया जाता था। बाद में कानून के अनुसार अलग हिमाचल वक्फ बोर्ड का गठन किया गया। फिर कांग्रेस के मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में झूठ क्यों बोला कि मस्जिद की जमीन सरकारी संपत्ति है?
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क्या कांग्रेस हाईकमान मंत्री पर  गलत सूचना फैलाने के लिए कार्रवाई करेगा?
उधर, जमई के बयानों और वायरल वीडियो से संजौली मस्जिद कमेटी का कहना है कि बाहरी लोग और नेता हस्तक्षेप कर माहौल खराब न करें। कमेटी पहले लिए गए अपने फैसले पर अडिग है और खुद अवैध निर्माण गिराने को तैयार है। बुधवार दोपहर प्रदेश सचिवालय के बाहर मीडिया से बातचीत करने पहुंचे मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने कहा कि जिस नेता का वीडियो वायरल हुआ है, उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत हो चुकी है। इन्हें नहीं पता कि शिमला में भवन निर्माण के क्या नियम हैं। कहा कि अब मस्जिद में ऐसे लोगों को प्रवेश नहीं देंगे। हमने नगर निगम में खुद अवैध निर्माण गिराने का आवेदन दिया है। यह किसी के दबाव में नहीं किया, बल्कि प्यार मोहब्बत और इस मामले को सुलझाने के लिए किया है। यदि नगर निगम हमें आज अवैध निर्माण गिराने को कहेगा तो हम कल ही इस पर कार्रवाई कर देंगे। मस्जिद कमेटी ने दावा किया कि जमई किसी पार्टी के नेता हैं, इसकी जानकारी नहीं थी। बाद में जब वीडियो देखा तो पता चला। मौलवी शहजाद ने भी कहा कि यह व्यक्ति कोई नेता है, इसका पता नहीं था। उधर मस्जिद कमेटी ने कहा कि यह वीडियो कब बनाया, इसका पता नहीं, लेकिन वायरल वीडियो में मस्जिद कमेटी के लोग भी दिखाई दे रहे हैं जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं।



जमई के खिलाफ पुलिस में दी शिकायत
बुधवार सुबह यह वीडियो वायरल होने के बाद देवभूमि संघर्ष समिति के पदाधिकारी संजौली चौकी पहुंचे और शोएब जमई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर लिखित में शिकायत दी। समिति का कहना है कि बाहरी राज्यों के नेता संजौली में आकर प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश का रहे हैं। समिति पदाधिकारी मदन ठाकुर ने कहा कि इस संबंध में प्रदेशभर के थानों में एफआईआर दर्ज करवाएंगे। प्रशासन लगातार मस्जिद के अवैध निर्माण के हिस्से को सील करने की बात कह रहा था। इसके बावजूद प्रशासन की जानकारी के बगैर जमई के यहां पहुंचने पर भी सवाल उठते हैं। 28 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। शिमला में उपायुक्त कार्यालय, नगर निगम कार्यालय और एसपी कार्यालय का घेराव करके लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।


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राजनीतिक माहौल खराब करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण : विक्रमादित्य
एआईएमआईएम के दिल्ली अध्यक्ष जमई के शिमला पहुंचकर संजौली मस्जिद का दाैरा करने और सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो को लेकर लोक निर्माण और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल में आकर यहां का राजनीतिक माहौल खराब करने का प्रयास करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मस्जिद निर्माण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। संजौली मस्जिद में जाकर वीडियो बनाना और इसे सनसनी बनाना गलत है। इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
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