क्या कांग्रेस हाईकमान मंत्री पर गलत सूचना फैलाने के लिए कार्रवाई करेगा?
उधर, जमई के बयानों और वायरल वीडियो से संजौली मस्जिद कमेटी का कहना है कि बाहरी लोग और नेता हस्तक्षेप कर माहौल खराब न करें। कमेटी पहले लिए गए अपने फैसले पर अडिग है और खुद अवैध निर्माण गिराने को तैयार है। बुधवार दोपहर प्रदेश सचिवालय के बाहर मीडिया से बातचीत करने पहुंचे मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने कहा कि जिस नेता का वीडियो वायरल हुआ है, उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत हो चुकी है। इन्हें नहीं पता कि शिमला में भवन निर्माण के क्या नियम हैं। कहा कि अब मस्जिद में ऐसे लोगों को प्रवेश नहीं देंगे। हमने नगर निगम में खुद अवैध निर्माण गिराने का आवेदन दिया है। यह किसी के दबाव में नहीं किया, बल्कि प्यार मोहब्बत और इस मामले को सुलझाने के लिए किया है। यदि नगर निगम हमें आज अवैध निर्माण गिराने को कहेगा तो हम कल ही इस पर कार्रवाई कर देंगे। मस्जिद कमेटी ने दावा किया कि जमई किसी पार्टी के नेता हैं, इसकी जानकारी नहीं थी। बाद में जब वीडियो देखा तो पता चला। मौलवी शहजाद ने भी कहा कि यह व्यक्ति कोई नेता है, इसका पता नहीं था। उधर मस्जिद कमेटी ने कहा कि यह वीडियो कब बनाया, इसका पता नहीं, लेकिन वायरल वीडियो में मस्जिद कमेटी के लोग भी दिखाई दे रहे हैं जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं।
जमई के खिलाफ पुलिस में दी शिकायत
बुधवार सुबह यह वीडियो वायरल होने के बाद देवभूमि संघर्ष समिति के पदाधिकारी संजौली चौकी पहुंचे और शोएब जमई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर लिखित में शिकायत दी। समिति का कहना है कि बाहरी राज्यों के नेता संजौली में आकर प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश का रहे हैं। समिति पदाधिकारी मदन ठाकुर ने कहा कि इस संबंध में प्रदेशभर के थानों में एफआईआर दर्ज करवाएंगे। प्रशासन लगातार मस्जिद के अवैध निर्माण के हिस्से को सील करने की बात कह रहा था। इसके बावजूद प्रशासन की जानकारी के बगैर जमई के यहां पहुंचने पर भी सवाल उठते हैं। 28 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। शिमला में उपायुक्त कार्यालय, नगर निगम कार्यालय और एसपी कार्यालय का घेराव करके लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।