एम्स पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को शनिवार को छात्रों के गुस्से का सामना करना पड़ा। एम्स दौरे के बाद जब वह लौट रहे थे तब गेट पर कथित छात्र ने उन पर स्याही फेंक दी।
छात्रों के प्रदर्शन से कुछ देर के लिए एम्स परिसर में अफरा-तफरी मच गई और हड़बड़ाहट में नड्डा के ड्राइवर ने दो छात्राओं पर गाड़ी चढ़ा दी।
स्याही के कुछ छींटे नड्डा के कुर्ते पर पड़े। उधर, एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र रिषी प्रेम ने दावा किया एम्स के किसी छात्र ने स्वास्थ्य मंत्री पर स्याही नहीं फेंकी।
स्याही फेंकने वाले का नहीं चला पता
हम तो एम्स कैंपस में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। रिषी ने कहा कि आज तक यहां एक भी सर्जरी नहीं हुई है। हालांकि, नड्डा ने छात्रों को आश्वासन दिया कि जल्द ही एम्स के विद्यार्थियों की समस्या दूर की जाएगी। भोपाल
एम्स के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि स्याही फेंकने वाले का पता नहीं चला है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। घायल छात्राएं अंजलि कृष्णा और इज्या पांडे का कहना था कि वे मंत्री को सिर्फ अपनी मांगें बताने के लिए रोक रहे थे, लेकिन उन्होंने गाड़ी नहीं रोकी।
हड़बड़ाहट में छात्राओं पर चढ़ी कार
इस पर हमने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो कार का पहिया पैर के ऊपर से निकल गया। पहिये में पैर दबते ही छात्राएं चिल्लाने लगीं और बाकी विद्यार्थी और भी ज्यादा आक्रोशित हो गए।
छात्रों का कहना था कि यहां हमारे पढ़ने के लिए मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। छात्र-छात्राओं का कहना था कि जो भी मंत्री आता है वह वादे करके चला जाता है। जख्मी छात्राओं के बारे में एम्स प्रशासन ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।